इसी अगस्त महीने में मध्य प्रदेश के रीवा के चोराहटा में स्थित नवनिर्मित एयरपोर्ट का उद्घाटन होने की सुगबुगाहट है। नवीन एयरपोर्ट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा वर्चुअली लोकार्पण किया जाना है। अभी एयरपोर्ट के लोकार्पण की तिथि तय नहीं की गई है लेकिन लोकार्पण से पहले ही एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर सियासत खड़ी हो चुकी है। नामकरण को लेकर नेताओं ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी है।
बसपा नेता व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के माध्यम से नव निर्मित एयरपोर्ट का नामकरण करने के लिए अपना मत रखा है। उनका कहना है कि एयरपोर्ट रीवा रियासत के आखिरी राजा रहे स्वर्गीय महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव के नाम से जाना जाए जिन्होंने विश्व को सफेद शेर की सौगात दी या फिर नेत्रहीन सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी यमुना प्रसाद शास्त्री के नाम से जाना जाए जिन्होंने गोवा मुक्ति आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए दोनो आंखे गंवाने के बाद दो बार रीवा के सांसद बने और रीवा की जनता की सेवा की।
जिले के त्योंथर विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव के पूर्व बसपा प्रत्याशी रहे देवेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने नव निर्मित एयरपोर्ट के लोकार्पण पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रीवा में हवाई चप्पल पहनने वाली जनता को हवाई जहाज की सुविधा मिलने वाली है। पिछले एक साल से एयरपोर्ट के उद्घाटन की अटकलें चल रही थी लेकिन अब तक उसका लोकार्पण नहीं किया गया। इसी अगस्त महीने में ही लोकार्पण किए जानें की घोषणा की गई थी लेकिन उससे पहले ही नवनिर्मित एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशाई हो गई थी जिससे भ्रष्ट्राचार भी होने की आशंका है।
बता दें कि रीवा सतना के मध्य मुकुंदपुर में बने टाइगर सफारी के लोकार्पण के समय उसका नाम व्हाइट टाइगर सफारी रखा गया था लेकिन काफी विरोध के बाद उसका नाम बदलकर "महराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाईगर सफारी एंड जू" किया गया। बसपा नेता का कहना है कि महाराजा मार्तण्ड ने ही पहले सफेद शेर को पकड़ा था किसका नाम मोहन रखा गया। इसके बाद उसकी ब्रीडिंग कराई गई और आज दुनियाभर में जितने भी सफेद शेर मौजूद हैं वह उसी सफेद शेर मोहन के वंशज है। इससे स्वाभाविक था कि टाईगर सफारी महाराजा मार्तण्ड सिंह के नाम से जाना जाए।
बसपा नेता का कहना है कि एयरपोर्ट का नाम रीवा रियासत के अंतिम राजा रहे महाराजा स्वर्गीय मार्तण्ड सिंह जू देव के नाम से हो या फिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेत्रहीन हीन सांसद स्वर्गीय यमुना प्रसाद शास्त्री के नाम पर हो। इन नामों पर शायद ही किसी को आपत्ति होगी या किसी प्रकार का विवाद खड़ा होगा।
(रिपोर्ट- अशोक मिश्रा)
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