Gurkirt Singh Manocha Killing: मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा के Fort Saint John, British Columbia में हत्या हो गई है। गुरकीरत सिंह मनोचा लगभग सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे, जहां वे Northern Lights College में Business Management Post Degree Diploma Program की पढ़ाई कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, 14 मार्च को वहां कुछ युवकों के बीच हुए आपसी विवाद के दौरान उनपर हमला किया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
इस घटना की सूचना कनाडा में रह रहे उनके एक मित्र ने देर रात उनके भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा जो कि रायपुर में रहते हैं, को फोन पर दी। गुरकीरत सिंह मनोचा के पिता गुरजीत सिंह मनोचा उज्जैन में रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजन गहरे दुख में हैं।
परिवार की तरफ से इस दुखद घटना की जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी दी गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा में ही परिजन निवास करते हैं। पड़ोसी अभिलाष जैन में बताया कि घटना के संबंध में कनाडा में पुलिस जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। करीब तीन सप्ताह में शव मिलने की बात कही जा रही है।
परिजन चाहते हैं कि उन्हें शव जल्द मिले या फिर किसी भी माध्यम से वे जल्द वहां पहुंच सके। हत्या का कारण यह बताया जा रहा है कि कॉलेज में इलेक्शन का माहौल था। इलेक्शन की गुटबाजी के विवाद में गुरकीरत सिंह मनोचा शिकार हुए हैं।
मृतक के भाई प्रबकीरत का कहना है कि हमें विश्वास ही नहीं है कि गुरुकीरत अब नहीं रहा। उसने जीवन में कभी विवाद नहीं किया। उसने कभी अप्शब्दों का प्रयोग ही नहीं किया। कुछ परिजन कनाडा में रहते हैं जो वहां पहुंचे हैं। कनाडा के पुलिस प्रशासन ने मदद की है। सप्ताह का अंतिम दिन होने के कारण कार्रवाई धीरे चल रही है। प्रदेश व केंद्र सरकार से आग्रह है कि जल्द से जल्द कार्रवाई कर परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया जाए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
वहीं, मृतक के पिता गुरजीत सिंह का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई करने कनाडा गया था, अभी उसे सवा साल ही हुआ था। बताया जा रहा है कि उसके साथ मारपीट की गई है जिस कारण से उसकी मौत हुई है। बेटा अपने काम से मतलब रखता था। बहुत ही सरल स्वभाव का था। वहां जॉब के साथ पढ़ाई भी करता था। वह वहां पर मास्टर डिग्री कर रहा था। उज्जैन से उसने बीकॉम किया था। उससे आखिरी बातचीत 2 दिन पहले शाम को हुई थी। सरकार से गुहार लगाई है कि जितना अच्छा हो सके किया जाए। या तो जल्द हमें शव सौंपा जाए या फिर हमें वहां पहुंचाया जाए।
(इनपुट- प्रेम डोडिया)
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