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NIA ने एंटीलिया मामले और हिरन हत्याकांड में वाजे और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 03, 2021 09:40 pm IST,  Updated : Sep 03, 2021 09:45 pm IST

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत हत्या, आपराधिक साजिश, अपहरण, और ‘विस्फोटक पदार्थों के संबंध में लापरवाहीपूर्ण रवैया’ के अलावा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा हथियार अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया है।

NIA ने एंटीलिया मामले और हिरन हत्याकांड में वाजे और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया- India TV Hindi
NIA ने एंटीलिया मामले और हिरन हत्याकांड में वाजे और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया Image Source : INDIA TV

मुंबई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक लदी एसयूवी कार मिलने और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में शुक्रवार को बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, प्रदीप शर्मा समेत दस लोगों के खिलाफ एक अदालत में आरोप पत्र दायर किया। वाजे और शर्मा के अलावा नौ हजार पृष्ठों के इस आरोप पत्र में विनायक शिंदे, नरेश गोर, रियाजुद्दीन काजी, सुनील माने, आनंद जाधव, सतीश मठकुरी, मनीष सोनी एवं संतोष शेलर का नाम शामिल है। शिंदे को किसी अन्य मामले में पुलिस बल से निलंबित किया गया है जबकि गिरफ्तारी के समय काजी और माने पुलिस अधिकारी थे। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत हत्या, आपराधिक साजिश, अपहरण, और ‘विस्फोटक पदार्थों के संबंध में लापरवाहीपूर्ण रवैया’ के अलावा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा हथियार अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया है। अभियोजन पक्ष के एक अधिवक्ता ने बताया कि आरोप पत्र में 200 गवाहों का जिक्र है।

बयान में कहा गया है कि मामले को अपने हाथ में लेने के बाद जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र पुलिस की ओर से दायर तीन प्राथमिकियों को एक साथ मिलाया। इस साल फरवरी में उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित बहुमंजिले आवास ‘एंटीलिया’ के निकट जिलेटिन की छड़ से लदी एक एसयूवी कार बरामद होने के मामले में गामदेवी पुलिस थाने में पहली प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। दूसरी प्राथमिकी विक्रोली पुलिस थाने में दर्ज की गयी थी, जो एक व्यवसायी मनसुख हिरन के पास से एसयूवी की चोरी से संबंधित थी। यह एसयूवी वही थी जो अंबानी के आवास के पास से विस्फोटक एवं धमकी भरे पत्र के साथ बरामद हुयी थी।

तीसरी प्राथमिकी, ठाणे के मुंब्रा पुलिस थाने में दर्ज की गयी थी जो एक नाले से हिरन का शव बरामद होने से संबंधित थी । एनआईए ने कहा कि गिरफ्तार किए गए दसों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य, विस्फोटकों से लदी एसयूवी रखने की साजिश के विभिन्न चरणों में उनके शामिल होने, एसयूवी की चोरी और उसके बाद मनसुख हिरन की हत्या की जांच के दौरान सामने आए। इस साल 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के निकट विस्फोटक सामग्री वाली कार मिली थी। इसके बाद पांच मार्च को व्यवसायी मनसुख हिरन एक नाले में मृत पाये गये थे, जिन्होंने दावा किया था कि यह उनके पास से चोरी हुयी है। 

मुंबई अपराध शाखा में तैनात सचिन वाजे को मामले के मुख्य अभियुक्त के तौर पर गिरफ्तार किया गया था, जो पहले ‘एनकाउंटर विशेषज्ञ’ के रूप में विख्यात था। बाद में वाजे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था । एक अन्य एनकाउंटर विशेषज्ञ अधिकारी प्रदीप शर्मा पहले ही सेवानिवृत्त हो चुका है। इससे पहले नौ जून को विशेष एनआईए अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को आरोप पत्र दायर करने के लिये दो और महीने के समय की मंजूरी दी थी । इसके बाद पांच अगस्त को 30 दिन का एक अन्य विस्तार दिया गया था, जब एजेंसी ने बताया था कि जांच अब भी जारी है।

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