मुंबईः कुख्यात गैंगस्टर बिश्नोई गैंग के नाम की धमकियों से ज्यादा घटना के बारे में शिकायत दर्ज न कराना मुंबई पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। नाम और रुतबा खराब होने के डर से ना कोई FIR ना तो हो पा रही है और न ऑफिशियल इन्वेस्टिगेशन। पुलिस को शक है कि कुछ अन्य लोगों को भी धमकियां आई हो सकती हैं। इसकी जानकारी मुंबई पुलिस सूत्रों ने दी है।
ज्यादातर लोग पुलिस के सामने नहीं आ रहे
बिश्नोई गैंग या फिर किसी भी हाई प्रोफाइल व्यक्ति को धमकी आने के मामले में पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी उस शख्स का सामने ना आना है। ऐसे मामलों में हाई प्रोफाइल व्यक्ति यह चाहता है कि पुलिस खुद बिना केस दर्ज किए जांच करे। ऐसे में सिग्नल जैसे एप्लीकेशन और बदलती टेक्नोलॉजी के साथ VPN का इस्तेमाल में आरोपियों को पुलिस की पकड़ से दूर ले जाता है।
वैसे भी इस प्रकार के मामलों में देखा गया है कि धमकी भेजने वाला या फिर किसी भी हाई प्रोफाइल मामले में अब तक जिन सूत्रों या उनके लिए किसी लड़के ने काम किया है तो वह कम उम्र का है और उसके पास लिमिटेड जानकारी होती है।
मुंबई में हुए हमलों और एक राजनीतिक हत्या के पैटर्न को समझते हुए मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर आप देखें तो यह धमकियां या फिर हमले करने के बाद ज्यादातर जब कोई गैंग इसकी जिम्मेदारी लेता है तो उसमें सलमान खान या उनके करीब होने वाले व्यक्ति को टारगेट करने का दावा किया जाता है।
पुलिस की मानें तो अभी भी कुछ ऐसे अन्य लोग हैं जिन्हें धमकी आई तो है लेकिन उनकी तरफ से कोई भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। मुंबई पुलिस के संज्ञान में सभी मामले हैं लेकिन शिकायत दर्ज न होने की वजह से किसी भी केस में औपचारिक लेवल पर काम नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने इस बात को भी नोट किया है कि इस तरह की धमकियां एक सुनियोजित पैटर्न के तहत एक शख्स को ध्यान में रखते हुए उसके करीबियों या उनके साथ पहले काम किए हुए लोगों को भेजी जाती है और कुछ अन्य खासकर फिल्म जगत से जुड़े हुए लोगों को यह धमकियां आई भी है। मामला अनौपचारिक तौर पर मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और एजेंसियों के संज्ञान में भी है। लेकिन ऑन पेपर अब तक इन शिकायतों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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