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जबलपुर के अस्पताल में जन्मा 5.2 किलो का बच्चा, डॉक्टर भी हैरान, मां बोली- 'हमारे घर आए भगवान गणेश'

Edited By: Shakti Singh Published : Sep 05, 2025 01:16 pm IST, Updated : Sep 05, 2025 01:33 pm IST

डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर नवजात शिशु का औसत वजन 2.8 से 3.2 किलोग्राम होता है, लेकिन 5 किलोग्राम से अधिक वजन का बच्चा होना हजारों प्रसवों में कभी-कभार ही देखा जाता है।

Jabalpur Hospital- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT जबलपुर अस्पताल में जन्मा बच्चा

रानी दुर्गावती लेडी एल्गिन अस्पताल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर 34 वर्षीय महिला शुभांगी यादव ने 5.2 किलोग्राम वजनी स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। बच्चे का जन्म ऑपरेशन से हुआ और उसका वजन देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए। डॉक्टरों के अनुसार, आमतौर पर नवजात शिशु का औसत वजन 2.8 से 3.2 किलोग्राम होता है, लेकिन 5 किलोग्राम से अधिक वजन का बच्चा होना हजारों प्रसव में कभी-कभार ही देखा जाता है। बच्चे का जन्म जबलपुर के अस्पताल में हुआ है।

डॉक्टरों का मानना है कि पांच किलोग्राम से ज्यादा वजन का बच्चा होने का कारण मां की गर्भावस्था के दौरान पोषणयुक्त डाइट हो सकती है। ऐसे मामलों में सिजेरियन डिलीवरी भी चुनौतीपूर्ण साबित होती है। यह बहुत ही रेयर केस है। फिलहाल मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं।

मां बोली- हमारे घर गणेश आए

बच्चे की मां का कहना था कि अभी गणेश उत्सव चल रहा है और भगवान गणेश ने हमारे यहां जन्म लिया है। बच्चे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। मां और बेटे दोनों का पूरी तरह से स्वस्थ होना परिजनों की खुशियां बढ़ा रहा है। महिला का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान उसने कोई भी विशेष डाइट नहीं ली थी। वह सामान्य खाना (दाल, चावल, रोटी, सब्जी) खा रही थी। इसके बावजूद ज्यादा वजन के साथ स्वस्थ्य बच्चे का होना बेहद खुशी की बात है।

डॉक्टर का बयान

अस्पताल की प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना मिश्रा ने बताया कि रांझी इलाके में रहने वाले आनंद चौकसे की पत्नी शुभांगी ने बुधवार को इस बच्चे का जन्म किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पिछले कई सालों में इतना भारी बच्चा नहीं देखा है।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को आमतौर पर 24 घंटे तक निगरानी में रखा जाता है क्योंकि उनके शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चा एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) में है क्योंकि ऐसे बच्चों में जन्मजात बीमारियों का खतरा होता है।’’ मिश्रा ने बताया कि चिकित्सक रक्त शर्करा के स्तर को देख रहे हैं और कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे का औसत वजन 2.8 से 3.2 किलोग्राम के बीच होता है, जबकि नवजात बच्ची का औसत वजन 2.7 से 3.1 किलोग्राम के बीच होता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अच्छी जीवनशैली, पोषण और बेहतर चिकित्सा देखभाल के कारण शिशुओं के वजन में धीरे-धीरे सुधार होता है।’’ मिश्रा ने कहा कि संभवतः यही वजह हो सकती है कि महिला ने 5.2 किलो के बच्चे को जन्म दिया।

(जबलपुर से देबजीत देब की रिपोर्ट) 

 

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