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16 साल से कम बच्चे सोशल मीडिया को देखते ही कहेंगे न बाबा न, बच्चों को डिजिटल लत से मुक्त कराने की तैयारी में सरकार

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Subhash Kumar
 Published : Feb 26, 2026 06:22 pm IST,  Updated : Feb 26, 2026 06:31 pm IST

महाराष्ट्र सरकार ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को डिजिटल लत से मुक्त करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। जानकारी के मुताबिक, विधानसभा का अगला सत्र शुरू होने से पहले ये टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट देगी।

Maharashtra govt task force for digital addiction- India TV Hindi
सांकेतिक फोटो। Image Source : PEXELS

महाराष्ट्र सरकार ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। इस संबंध में सरकार ने एक विशेष ‘टास्क फोर्स’ का गठन किया है, जो बच्चों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की लत से मुक्त करने के उपाय सुझाएगी। यह जानकारी राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार ने विधान परिषद में दी। मंत्री शेलार ने बताया कि टास्क फोर्स को निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएंगे और अगला अधिवेशन शुरू होने से पहले रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।

सोशल मीडिया और गेमिंग के प्रभावों का अध्ययन

टास्क फोर्स 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों में सोशल मीडिया और गेमिंग के उपयोग का स्वरूप और उसका प्रमाणिक आकलन करेगी। इसके साथ ही मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक प्रभावों का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। यह समिति डिजिटल विज्ञापन, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियामक ढांचे का अध्ययन कर आवश्यक कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक उपाय सुझाएगी। सरकार सोशल मीडिया और गेमिंग के अनियंत्रित उपयोग पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।

आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता

विधान परिषद में भाजपा विधायक निरंजन डावखरे और संजय केणेकर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की अति के कारण बच्चों और युवाओं में मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। डावखरे ने मांग की कि आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही आपत्तिजनक और हानिकारक ऐप्स पर प्रतिबंध लगाकर उनके मूल निर्माताओं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं। इस पर जवाब देते हुए मंत्री शेलार ने कहा कि सोशल मीडिया पर नियंत्रण केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए इस विषय पर केंद्र के साथ समन्वय कर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

फर्जी और भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी कार्रवाई

मंत्री शेलार ने बताया कि राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के लगभग 4 करोड़ बच्चे हैं, जिनमें से करीब 3 करोड़ बच्चे 15 वर्ष से कम आयु के हैं। ऐसे में उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का प्रश्न अत्यंत गंभीर सार्वजनिक महत्व का विषय है। उन्होंने जानकारी दी कि 2 फरवरी 2026 को राज्य सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के संदर्भ में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।

साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अश्लील, भ्रामक, आपराधिक या फर्जी विज्ञापनों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। सरकार का कहना है कि बच्चों और किशोरों को डिजिटल लत से बचाने के लिए आवश्यक सभी कानूनी और प्रशासनिक उपाय किए जाएंगे।

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