मुंबई से सटे नालासोपारा इलाके में इलाज की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है लेकिन जिस तरह से पुलिस ने आरोपी को महज बयान लेकर रिहा कर दिया, उससे पुलिस पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस शख्स की ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं जो इलाज का 'चमत्कार' दिखाकर लोगों को मूर्ख बना रहा था। साथ ही पीड़ित के आरोपों के मुताबिक वो धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था।
Related Stories
आरोपी चला रहा था 'जीवित जल का झरना चर्च'
दरअसल, राजेश पाल नाम के व्यक्ति ने तुलिंज पुलिस स्टेशन में पहले लिखित शिकायत दी वह अपने इलाके में ही एक प्रार्थना हॉल के बाहर अक्सर लोगों की भीड़ देखता था। उसके ऊपर लिखा था 'जीवित जल का झरना चर्च'। अक्सर लोगों की भीड़ को देखकर राजेश ने लोगों से पूछा तो पता चला कि प्रार्थना भवन के अंदर कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की बीमारी लेकर जाता है तो वहां उसका चमत्कारिक तरीके से इलाज होता है।
तेल लगे हुए कपड़े से करता था इलाज
पता चला कि सदानंद तेली नाम का शख्स अंदर पेट दर्द, सर दर्द, सूजन, घुटने में दर्द, मांस पेशियों से लेकर हड्डियों के किसी भी तरह के इलाज का दावा करता था। जब लोग उसके पास जाते तो वो हाथो में एक रुमाल और उसमे तेल लगाकर सिर पर रखता और उसके बाद यीशु को याद करने के लिए कहता और कहता कि सब कुछ दुनिया में यीशु ही करते हैं, सबसे बड़ा सच और सही राह यीशु ही दिखाएंगे। लोग उसकी बातों में आ भी जाते थे। फिर उसकी ऐसी चमत्कारिक पद्धत्ति का वीडियो जो सामने आया है वो हैरान करने वाला है।
इस वीडियो में जिस किसी भी महिला, युवक, लड़की के सिर माथे पर तेल लगा हुआ कपड़ा रखता और मन में यीशु को लेकर कुछ बड़बड़ाता तो लोग जैसे मंत्र मुग्ध होकर अपना होशो हवास खो देते थे और अलग ही मुद्रा में नजर आते। इस सबको देख देखकर लोग बड़ी संख्या में आकर्षित होते थे और यहां लाइन लगी रहती थी। इसके बदले में वो लोगों से 50 रुपया लेता था।
व्हाट्सअप ग्रुप में डालता था धर्म परिवर्तन के वीडियो
शिकायतकर्ता राजेश पाल भी लोगों की इस भीड़ और बातों में पड़कर इस प्रार्थना सभा का हिस्सा बने। उन्होंने कई दिन तक इलाज कराया लेकिन उनके घुटने के दर्द को आराम नहीं हुआ। लेकिन उनका ये आरोप है कि जिस तरह से हर बात में यीशु के नाम पर लोगों को बरगलाया जा रहा है, वो सीधे-सीधे धर्म परिवर्तन का हिस्सा है और इसके तार पंजाब से भी जुड़े हैं। राजेश ने बताया कि इसका व्हाट्सअप ग्रुप भी था। उसमें धर्म परिवर्तन, ईसाई समुदाय को लेकर कई वीडियो फ़ोटो पोस्ट कर लोगों को आकर्षित किया जाता था ताकि वो ईसाई समुदाय में जुड़े और अपना धर्म बदलें। लेकिन राजेश को बाद में ग्रुप से निकाल दिया गया। राजेश ने पहले लिखित शिकायत दी फिर FIR भी दर्ज करवाई। पुलिस ने इलाज के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की है और मोबाइल को जब्त कर फॉरेसिक टीम को जांच के लिए भेज दिया है।
पुलिस ने आरोपी को बयान लेकर छोड़ा
आरोपी को इलाके से हिरासत में भी लिया गया लेकिन उसका बयान लेकर उसे रिलीज कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। शिकायतकर्ता राजेश का कहना है कि आरोपी के जो वीडियो सामने आए हैं वो खुद इलाज का चमत्कार दिखाने के नाम पर धर्म विशेष का प्रचार प्रसार कर रहा है।