Siddhivinayak Temple Jewellery: मुंबई में हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के मौके पर आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में गणपति बप्पा को चढ़ाए गए आभूषणों की नीलामी आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गुड़ी पड़वा के शुभ मौके पर मुंबई में आस्था का ऐसा मेला सजा कि 'जहां नजर जाए, वहां बप्पा ही बप्पा' नजर आए। सिद्धिविनायक मंदिर में आज वो नजारा देखने को मिला, जहां भक्ति थी, भावना थी और नीलामी की बोली भी थी।
नीलामी में रखे गए 234 प्रकार के जेवर
गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी चढ़ावे में आए आभूषणों की नीलामी की गई। 234 प्रकार के सोने और चांदी के आभूषण नीलामी में रखे हैं, जिनकी कुल कीमत करीबन 2 करोड़ है। इस नीलामी में सोने-चांदी के सिक्के, चेन, लॉकेट, ब्रेसलेट, गणपति बप्पा की पादुकाएं और मूषक के विशेष आभूषण शामिल किए गए।
मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
यहां नीलामी में हिस्सा लेने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त इन आभूषणों को शगुन और बप्पा के आशीर्वाद के रूप में खरीदते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन वस्तुओं को घर लाने से सुख-समृद्धि और बरकत आती है। एक श्रद्धालु ने कहा कि हम हर साल यहां आते हैं और नीलामी में हिस्सा लेते हैं। बप्पा का आशीर्वाद समझकर कुछ न कुछ जरूर खरीदते हैं, इससे घर में खुशी और समृद्धि आती है।

सामाजिक कार्यों में होता नीलामी के पैसे का इस्तेमाल
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट हर साल इस तरह की नीलामी का आयोजन करता है। इस नीलामी से मिलने होने वाली राशि का इस्तेमाल सामाजिक कार्यों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जाता है।
मंदिर में नीलामी और सेवा की अनूठी परंपरा
देशभर से आने वाले भक्तों के लिए सिद्धिविनायक मंदिर एक प्रमुख आस्था का केंद्र है और गुड़ी पड़वा के मौके पर आयोजित यह नीलामी आस्था, परंपरा और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करती है। कहते हैं 'भक्ति में शक्ति है' और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में ये बात आज फिर साबित हो गई।
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