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मणिपुर के राज्यपाल ने बढ़ाई लास्ट डेट, अब 6 मार्च तक जमा कर सकेंगे लूटे गए हथियार

Edited By: Amar Deep Published : Feb 28, 2025 01:00 pm IST, Updated : Feb 28, 2025 01:00 pm IST

मणिपुर में हिंसा के दौरान लूटे गए अवैध हथियारों को लौटाने की आखिरी समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार हथियार जमा करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 6 मार्च तक कर दिया गया है।

राज्यपाल ने हथियार लौटाने की समय सीमा बढ़ाई।- India TV Hindi
Image Source : FILE राज्यपाल ने हथियार लौटाने की समय सीमा बढ़ाई।

इंफाल: मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लूटे गए और अवैध हथियारों को पुलिस को सौंपने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। उन्होंने शुक्रवार को समय सीमा बढ़ाते हुए इसे छह मार्च शाम चार बजे तक कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई है। यह समय सीमा पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के लोगों की अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग के बाद बढ़ाई गई है। 

नहीं होगी कोई कार्रवाई

जारी बयान में कहा गया है, ‘‘स्वैच्छिक रूप से हथियार सौंपने की सात दिन की समय सीमा समाप्त होने पर घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों ने इस अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया है। मैंने इन अनुरोधों पर विचार किया है और छह मार्च को शाम चार बजे तक समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।’’ इसमें आश्वासन दिया गया कि इस अवधि के भीतर अपने हथियार सौंपने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

आग्रह के बाद बढ़ाई लास्ट डेट

बयान में आगे कहा गया, ‘‘यह शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, हमारे युवाओं के भविष्य और हमारे समाज की सुरक्षा में योगदान करने का सभी संबंधित लोगों के लिए अंतिम अवसर है।’’ राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लोगों से लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आग्रह किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस अवधि के दौरान हथियार छोड़ने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू 

बता दें कि मई 2023 से इंफाल घाटी में मेइती और आसपास की पहाड़ियों पर बसे कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद पूर्वोत्तर राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई थी। इसके बाद केंद्र ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर विधानसभा को निलंबित किया जा चुका है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। (इनपुट- पीटीआई)

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