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FY2025-26 में भारत में बिके 2.96 करोड़ वाहन, GST 2.0 ने बढ़ाई बिक्री की रफ्तार, जानें डिटेल

 Published : Apr 06, 2026 02:33 pm IST,  Updated : Apr 06, 2026 02:36 pm IST

बिक्री के इस रुझान को काफी सकारात्मक बताते हुए फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि 2025-26 भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए एक लैंडमार्क साल साबित हुआ।

कार एसयूवी सहित पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री 47,05,056 यूनिट्स दर्ज की गई।  - India TV Hindi
कार एसयूवी सहित पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री 47,05,056 यूनिट्स दर्ज की गई। Image Source : INDIA TV

FY2025-26 में भारत में सभी श्रेणियों के वाहनों की खुदरा बिक्री में 13.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2,96,71,064 यूनिट्स पर पहुंची। यह पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की 2,61,87,255 यूनिट्स से काफी अधिक है। इस बढ़ोतरी के पीछे GST 2.0 की नई दरों का बड़ा योगदान माना जा रहा है, जिसने साल की धीमी शुरुआत को पार करने में मदद की। पीटीआई की खबर के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी FADA ने सोमवार को जानकारी दी।

पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री

FY26 में पैसेंजर व्हीकल्स (कार, एसयूवी आदि) की खुदरा बिक्री 47,05,056 यूनिट्स रही, जो FY25 में 41,63,927 यूनिट्स थी। यह 13% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। FADA ने कहा कि वे सतर्कतापूर्वक आशावादी हैं, लेकिन पश्चिम एशिया के युद्ध का भविष्य में वाहन मांग पर प्रभाव देख रहे हैं।

दोपहिया और तीनपहिया बिक्री

दोपहिया वाहनों की बिक्री में 13.4% की वृद्धि हुई और यह FY26 में 2,14,20,386 यूनिट्स पर पहुंची, जबकि FY25 में यह 1,88,89,595 यूनिट्स थी।

तीनपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 13,63,412 यूनिट्स रही, जो FY25 में 12,20,834 यूनिट्स थी, यानी 11.68% की वृद्धि।

वाणिज्यिक वाहन की बिक्री

वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री में 11.74% की वृद्धि हुई और FY26 में यह 10,60,906 यूनिट्स पर पहुंची, जबकि FY25 में यह 9,49,406 यूनिट्स थी।

FADA ने दी ये प्रतिक्रिया

FADA के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि 2025-26 भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए एक लैंडमार्क साल रहा, जिसमें कुल बिक्री 2,96,71,064 यूनिट्स रही। इसमें 13.3% सालाना आधार पर वृद्धि हुई, और छह वाहन श्रेणियों में से पांच ने नया रिकॉर्ड बनाया। यह केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उद्योग के 3 करोड़ यूनिट्स के निशान के करीब पहुंचने का संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि इस साल की वृद्धि संरचनात्मक रूप से मजबूत थी, जो बेहतर किफायती विकल्प, शहरी और ग्रामीण भारत में बढ़ती मोबिलिटी मांग और विविध पावरट्रेन मिश्रण से समर्थित थी।

साल का रुख और GST 2.0 का असर

FY2026 में अप्रैल से अगस्त तक वृद्धि धीमी रही (2-5% मासिक), क्योंकि बाजार पिछली साल की धीमी इन्वेंट्री साइकिल और वित्तीय अनिश्चितता के कारण सावधान था। सितंबर में GST 2.0 लागू होने के बाद मोड़ आया। दरों में सुधार और टैक्स भार में कमी ने छोटे वाहन जैसे दोपहिया, छोटे कार, तीनपहिया और चुनिंदा वाणिज्यिक श्रेणियों की वास्तविक किफायती कीमत बढ़ाई।

सितंबर से नववर्ष और दीपावली के उत्सवों में बिक्री में नया रिकॉर्ड आया मासिक बिक्री 40 लाख यूनिट्स से अधिक हुई। जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 में भी दोहरे अंकों की YoY वृद्धि दर्ज हुई, जो बताती है कि यह वृद्धि केवल त्योहारी नहीं, बल्कि संरचनात्मक है।

चुनौतियां और भविष्य का परिदृश्य

पश्चिम एशिया की स्थिति और इसके ईंधन की कीमतों, आपूर्ति और उपभोक्ता विश्वास पर असर पर निगरानी रखी जा रही है। FADA के सर्वे के अनुसार, 53.2% डीलर्स ने आपूर्ति या डिस्ट्रीब्यूशन में कोई न कोई बाधा देखी, जबकि 17.1% ने तीन या उससे अधिक सप्ताह की बड़ी देरी दर्ज की। ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 36.5% डीलर्स ने बताया कि यह ग्राहक की खरीद निर्णय को प्रभावित कर रहा है। वित्तीय परिस्थितियां स्थिर हैं, 72.5% डीलर्स ने पिछले 30 दिनों में वित्तीय शर्तों में कोई बदलाव नहीं देखा। FADA ने कहा कि वे संरचनात्मक रूप से आशावादी हैं, लेकिन नज़दीकी अवधि में संचालन पर सतर्क रहेंगे।

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