इस्लामाबाद। नकदी-संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान में कोरोना वायरस महामारी के चलते लगभग 30 लाख लोगों की नौकरी छिनने की आशंका है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को संसद में यह जानकारी दी। सांसद मुस्ताक अहमद द्वारा महामारी से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान पर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में 10 लाख लोगों का रोजगार छिन सकता है, शेष 20 लाख नौकरियों की कटौती सेवा क्षेत्र में हो सकती है।
Related Stories
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स स्टडी का हवाला देते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि कृषि, सेवा और औद्योगिक क्षेत्र में अनुमानित 1.8 करोड़ नौकरियों में से बहुत अधिक नौकरियां जा सकती हैं। पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण तेज गति से फैल रहा है। यहां सबसे पहला मामला 26 फरवरी को सामने आया था। अबतक यहां 89,249 लोग इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं और 1838 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री इमरान खान कठोर लॉकडाउन को एक गलती बता चुके हैं क्योंकि इसने अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। खान ने सोमवार को कोरोना वायरस परिस्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा कि लॉकडाउन एक समाधान नहीं है, इससे केवल संक्रमण की गति को धीमा किया जा सकता है। इसलिए देश में उद्योगों व कारोबारों को बंद करना एक गलती थी।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में रहने वाले गरीबों की संख्या भी मौजूदा 24.3 प्रतिशत से बढ़कर 33.5 प्रतिशत हो जाएगी। इसी प्रकार, राजकोषीय घाटा भी जीडीपी का 7.5 प्रतिशत प्रारंभिक लक्ष्य से बढ़कर 9.4 प्रतिशत होने की संभावना है।
मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, ब्रिटेन और मिडल ईस्ट के साथ कारोबार बंद होने से देश का निर्यात भी 25 अरब डॉलर से घटकर 22 अरब डॉलर पर आ गया। रेमीटैंस भी 23 अरब डॉलर से घटकर 21 अरब डॉलर रह गया।