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भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने में ग्‍लोबल ट्रांसपोर्ट के बड़े नामों ने दिखाई रुचि, हुंडई व हिताची भी हैं शामिल

रेलवे ने 151 मॉर्डन ट्रेन के माध्यम से 109 जोड़ी यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए प्राइवेट प्रतिभागियों से रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन (आरएफक्यू) आमंत्रित किए हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: July 08, 2020 9:42 IST
Big names of global transport evince interest in running private trains- India TV Paisa
Photo:GOOGLE

Big names of global transport evince interest in running private trains

नई दिल्‍ली। ग्‍लोबल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर कंपनियों जैसे हुंडई, हिताची, मित्‍सुई, बॉम्‍बार्डियर, अल्‍स्‍टॉम, मैक्‍वायर और सीमेंस उन कंपनियों की लिस्‍ट में शामिल हैं, जिन्‍होंने भारत में प्राइवेट ट्रेन को चलाने में अपनी रुचि दिखाई है। भारतीय रेलवे द्वारा तैयार की गई पॉलिसी के तहत इन सभी कंपनियों ने अभिरुचि पत्र जमा कराए हैं।

प्राइवेट ट्रेन चलाने में अपनी रुचि दिखाने वाली कंपनियों में जापान की हिताची इंडिया, मित्‍सुई एंड कंपनी और ग्‍लोबन नाम जैसे हुंडई रोटेम, बॉम्‍बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन, अल्‍स्‍टॉम ट्रांसपोर्ट, सीमेंस, मैक्‍वायर, सीएएफ इंडिया, सीआरआरसी जेडईएलसी, गैटएक्‍स आदि शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर भारतीय कंपनियों में टाटा रियल्‍टी, अडानी पोर्ट्स, भारत फोर्ज, केईसी इंटरनेशनल, एस्‍सल ग्रुप और पीएसयू जैसे आईआरसीटीसी और बीईएमएल शामिल हैं। भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने के प्रोजेक्‍ट के लिए अक्‍टूबर 2019 में एक सचिवों के समूह का गठन किया गया था और विभिन्‍न प्रतिभागियों से विस्‍तृत चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।

पीपीपीएसी के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और एक जुलाई को 12 आरएफक्‍यू जारी किए गए हैं। प्रत्‍येक क्‍लस्‍टर के लिए एक आरएफक्‍यू जारी किया गया है। आरएफक्‍यू आवेदकों का चयन वित्‍तीय बोली के लिए किया जाएगा, इसमें 6-8 माह का वक्‍त लगेगा।

भारतीय रेलवे ने कहा कि है कि वर्तमान में चल रही 2800 मेल/एक्‍सप्रेस ट्रेनों में केवल 5 प्रतिशत ट्रेनों को ही प्राइवेट कंपनियों को चलाने के लिए दिया जाएगा। बोली जीतने वाली कंपनी को 35 साल के लिए ठेका दिया जाएगा और उसे रेल ट्रैक, स्‍टेशन, रेलवे इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का उपयोग करने के लिए तय शुल्‍क देना होगा और उपभोग की गई बिजली के लिए भुगतान करना होगा।

प्रतिस्‍पर्धी बोली के माध्‍यम से कंपनियों को भारतीय रेलवे के साथ राजस्‍व साझा करना होगा। प्राइवेट कंपनी को 95 प्रतिशत समय का पालन करना होगा और उच्‍च स्‍तर की सफाई सुनिश्चित करनी होगी। ट्रेन के डिब्‍बों का निर्माण मेक इन इंडिया होगा और ट्रेनों का परिचालन रेलवे के ड्राइवर और गार्ड द्वारा किया जाएगा।

रेलवे ने 151 मॉर्डन ट्रेन के माध्‍यम से 109 जोड़ी यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए प्राइवेट प्रतिभागियों से रिक्‍वेस्‍ट फॉर क्‍वालीफ‍िकेशन (आरएफक्‍यू) आमंत्रित किए हैं। प्राइवेट ट्रेन का परिचान अप्रैल 2023 से शुरू होने की उम्‍मीद है। रेलवे ने कहा है कि प्राइवेट ट्रेन का किराया प्रतिस्‍पर्धी होगा और किराया तय करते वक्‍त उस रूट पर एयरलाइंस और बस के किराये पर भी ध्‍यान दिया जाएगा।

प्राइवेट ट्रेनों को 12 क्‍लस्‍टर में चलाया जाएगा, जिसमें बेंगलुरु, चंडीगढ़, जयपुर, दिल्‍ली, मुंबई, पटना, प्रयागराज, सिकंदराबाद, हावड़ा और चेन्‍नई शामिल हैं। प्राइवेट ट्रेनों के लिए वित्‍तीय बोलियां फरवरी या मार्च 2021 तक मंगवाए जाने और इनके अप्रैल 2021 तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।  रिक्‍वेस्‍ट फॉर कोटेशन (आरओक्‍यू) बोलियां इस साल सितंबर तक पूरा होने की उम्‍मीद है।

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