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सड़क मार्ग से दिल्‍ली-मुंबई की यात्रा होगी 12 घंटे में पूरी, NHAI एक्‍सप्रेस-वे के साथ विकसित करेगी स्‍मार्ट सिटी और स्‍मार्ट गांव

Edited by: India TV Paisa Desk Published : May 19, 2020 07:34 pm IST, Updated : May 19, 2020 07:34 pm IST

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे परियोजना की अनुमानित लागत एक लाख करोड़ रुपए है।

building smart cities along Delhi-Mumbai Expressway, says Nitin Gadkari- India TV Paisa
Photo:GOOGLE

building smart cities along Delhi-Mumbai Expressway, says Nitin Gadkari

नई दिल्‍ली। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेस-वे परियोजना पर काम कर रही है। इस एक्सप्रेस का निर्माण होने के बाद दिल्ली-मुंबई की दूरी को 12 घंटे में तय किया जा सकेगा। पूरी तरह नए सिरे से विकसित की जा रही इस परियोजना से दोनों शहरों की मौजूदा दूरी 220 किलोमीटर कम हो जाएगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे परियोजना की अनुमानित लागत एक लाख करोड़ रुपए है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ स्मार्ट सिटी, स्मार्ट गांव और लॉजिस्टिक पार्क बनाने को लेकर कानूनी सलाह मांगी है। सरकार जानना चाहती है कि क्या एनएचएआई ये कर सकती है ताकि इस अवसर का लाभ देश के सबसे पिछड़े, आदिवासी और दूर-दराज के क्षेत्र का विकास करके उठाया जा सके।

यह नया एक्‍सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई के पुराने रास्ते से अलग रास्ते से निकलेगा। यह गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान के पिछड़े और दूर-दराज के कई आदिवासी इलाकों से गुजरेगा। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि हम एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ स्मार्ट सिटी, स्मार्ट गांव, लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक संकुल और सड़क किनारे की सुविधाएं विकसित करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने कानूनी सलाह मांगी है कि क्या एनएचएआई यह कर सकती है। यदि इसका जवाब सकारात्मक रहता है तो हम तत्काल इस दिशा में काम करना शुरू कर देंगे।

गडकरी ने कहा कि हालांकि एनएचएआई के पास इसका अधिकार इसकी स्थापना के वक्त से है और इसके लिए उसके संविधान में प्रावधान भी है। लेकिन वह फिर भी इस पर कानूनी सलाह लेना चाहते हैं ताकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि जवाब नकारात्मक मिलता है तो फिर हम इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखेंगे।

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