नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन तथा उनके कारोबार की वृद्धि की समीक्षा करने के लिए इन बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ शनिवार (28 दिसंबर 2019) को बैठक करेंगी। सूत्रों ने बताया कि मांग व उपभोग को तेज करने में बैंकों की भूमिका को देखते हुए बजट से पहले सरकारी बैंकों के सीईओ और प्रबंध निदेशकों के साथ वित्त मंत्री की यह बैठक विशेष महत्व रखती है।
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गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी 2020 को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश कर सकती हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के जरिये तथा अन्य उपायों से गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) की वसूली के बारे में भी चर्चा हो सकती है। बैंकों ने पिछले चार साल में 4,01,393 करोड़ रुपए के एनपीए वसूले हैं। इनमें सिर्फ 2018-19 में ही 1,56,702 करोड़ रुपए वसूल किए गए।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में बैंकिंग क्षेत्र के हालातों पर चर्चा हो सकती है तथा उन्हें ऋण वितरण की वृद्धि दर तेज करने को कहा जा सकता है। इसके अलावा बैंकों को रेपो दर में की गयी कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिये भी कहा जा सकता है।