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अमेरिका का बड़ा एक्शन! एक साल में 1 लाख से ज्यादा वीजा किए कैंसिल, क्या भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स की बढ़ेंगी मुश्किलें?

Edited By: Shivendra Singh
Published : Jan 13, 2026 09:20 am IST, Updated : Jan 13, 2026 09:20 am IST

अमेरिका ने पिछले एक साल में वीजा नीति को और कड़ा कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद अब तक 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड है।

अमेरिका ने 1 लाख से...- India TV Paisa
Photo:CANVA अमेरिका ने 1 लाख से ज्यादा वीजा कैंसिल किए

अमेरिका ने वीजा नीति में कड़ा रुख अपनाते हुए पिछले साल 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए हैं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार यह आंकड़ा रिकॉर्ड लेवल पर है और प्रशासन की कड़ी इमिग्रेशन पॉलिसी को दर्शाता है। इसमें छात्रों, पेशेवरों और सामान्य पर्यटकों के वीजा शामिल हैं। खासतौर पर ह-1बी, एल-1बी और ओ-1 जैसी स्पेशल वीजा कैटेगरी में भी बड़ी संख्या में कैंसिलेशन हुई हैं।

स्टेट डिपार्टमेंट के डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि वीजा रद्द होने के चार सबसे आम कारण ओवरस्टे, शराब पीकर गाड़ी चलाना (DUI), हमला और चोरी हैं। इनमें से करीब 8000 छात्र वीजा और 2500 स्पेशल वीजा रद्द किए गए हैं। पिगॉट ने कहा कि हम इन अपराधियों को अमेरिका से बाहर भेजने का काम जारी रखेंगे, ताकि अमेरिकी नागरिक सुरक्षित रहें। विशेष वीजा धारकों में से लगभग आधे मामलों में शराब पीकर गाड़ी चलाने की घटनाएं सामने आईं, जबकि बाकी मामलों में हमला, चोरी, बाल शोषण, ड्रग्स से जुड़ी घटनाएं, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार शामिल हैं।

भारतीयों पर असर

इस कड़ी नीति का भारतीय छात्रों और पेशेवरों पर भी असर पड़ा है। भारतीय सरकार की जानकारी के मुताबिक, 2025 में अब तक 3,155 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया, जो 2023 के 617 और 2024 के 1,368 मामलों से काफी अधिक है। इसके साथ ही, ICE ने 4736 SEVIS रिकॉर्ड्स समाप्त किए और 300 से ज्यादा छात्र वीजा रद्द किए गए, जिससे भारतीय छात्रों में चिंता बढ़ गई है।

भारत पर सीधी पाबंदी नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत किसी भी यात्रा प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं हुआ, लेकिन कड़ी स्क्रीनिंग और निरंतर निगरानी से भारतीयों पर असर बढ़ा है। अमेरिका ने H-1B और H-4 वीजा स्टैम्पिंग में भारत में जांच बढ़ा दी है और ऑनलाइन और सोशल मीडिया रिव्यू का दायरा भी बढ़ाया गया है।

ग्लोबल वीजा समीक्षा

स्टेट डिपार्टमेंट ने अगस्त 2025 तक लगभग 55 मिलियन विदेशी नागरिकों के वीजा की समीक्षा करने की घोषणा की थी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि अमेरिकी वीजा एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को अब अपने वीजा नियमों का पालन बेहद सतर्कता से करना होगा। कोई भी नियम उल्लंघन भारी कीमत चुकवा सकता है। अमेरिका की कड़ी नीति ने वीजा धारकों के लिए नए दौर की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

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