1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. मनरेगा की जगह आने वाली है नई स्कीम! जुलाई से लागू होगा VB-G RAM G, ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव

मनरेगा की जगह आने वाली है नई स्कीम! जुलाई से लागू होगा VB-G RAM G, ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : May 20, 2026 10:53 pm IST,  Updated : May 20, 2026 10:53 pm IST

ग्रामीण भारत में रोजगार व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब मनरेगा की जगह नई योजना VB-G RAM G लागू की जाएगी। सरकार 1 जुलाई 2026 से इस नई योजना को पूरे देश में शुरू करने की तैयारी में है।

अब MGNREGA नहीं, VB-G RAM G देगा...- India TV Hindi
अब MGNREGA नहीं, VB-G RAM G देगा रोजगार! Image Source : CANVA

ग्रामीण भारत में रोजगार व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। 1 जुलाई 2026 से देश में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना VB-G RAM G लागू होने जा रही है, जो अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट यानी मनरेगा की जगह लेगी। सरकार का दावा है कि यह नई स्कीम रोजगार, पारदर्शिता और गांवों के विकास को पहले से ज्यादा मजबूत बनाएगी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को जानकारी दी है कि 25 राज्यों ने इस नई योजना के लिए अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है। सरकार का कहना है कि जुलाई से योजना को देशभर में लागू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इस योजना का पूरा नाम “विकसित भारत - गांरटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (Gramin)” यानी VB-G RAM G है।

अब 100 नहीं, मिलेंगे 125 दिन रोजगार

नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार देने की गारंटी होगी। अभी मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार मिलता है। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट जॉब कार्ड से होगी निगरानी

नई योजना में पुराने जॉब कार्ड की जगह स्मार्ट रोजगार कार्ड दिए जाएंगे। इन कार्ड्स में फेस रिकग्निशन जैसी तकनीक होगी, जिससे फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिन लोगों का e-KYC पूरा हो चुका है, उनके पुराने कार्ड कुछ समय तक मान्य रहेंगे।

गांवों की जरूरत के हिसाब से होंगे काम

VB-G RAM G स्कीम के तहत पानी संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, आजीविका से जुड़े प्रोजेक्ट और मौसम से जुड़ी आपदा रोकने वाले कामों पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। हर गांव में विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार होगा, जिसे ग्राम सभा की मंजूरी मिलेगी। उसी आधार पर विकास कार्य तय किए जाएंगे।

केंद्र और राज्य दोनों उठाएंगे खर्च

इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर खर्च उठाएंगे। सामान्य राज्यों में खर्च का अनुपात 60:40 रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10 का फॉर्मूला लागू होगा। केंद्र सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर साल करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मनरेगा के काम नहीं होंगे बंद

सरकार ने साफ किया है कि मनरेगा के तहत चल रहे काम अचानक बंद नहीं होंगे। अधूरे प्रोजेक्ट्स को नई योजना में शामिल कर पूरा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नए काम भी शुरू किए जा सकेंगे, ताकि मजदूरों को रोजगार मिलने में कोई परेशानी न हो।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा