नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना 9वां बजट पेश किया है। इस दौरान उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े ऐलान किए हैं। इन ऐलानों के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।
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इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर क्या-क्या है?
- वित्त वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया
- शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीपीएसई) की महत्वपूर्ण अचल संपत्ति संपत्तियों के पुनर्चक्रण में तेजी लाने के लिए समर्पित आरईआईटी की स्थापना
- उधारदाताओं को विवेकपूर्ण ढंग से निर्धारित आंशिक ऋण गारंटी प्रदान करने के लिए अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष
- प्रत्येक शहरी आर्थिक क्षेत्र (सीईआर) के लिए 5 वर्षों में 5000 करोड़ रुपये का आवंटन
- तटीय माल ढुलाई प्रोत्साहन योजना से 2047 तक अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय जहाजरानी की हिस्सेदारी 6% से बढ़कर 12% हो जाएगी
- संचालन में सहायता प्रदान करने के लिए सीप्लेन वीजीएफ योजना शुरू की जाएगी
- पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए समर्पित माल ढुलाई गलियारे
- अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (उत्तर पश्चिम)
- पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल गलियारे 'विकास कनेक्टर' के रूप में
- आवश्यक मानव संसाधन के विकास के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे
बजट में तमाम चीजें सस्ती और तमाम महंगी
बजट में तमाम चीजें सस्ती हो गई हैं, जिनमें खेल-कूद का सामान, शुगर और कैंसर की दवाएं, 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं, बीड़ी, चमड़े के जूते और लेदर प्रोडक्ट, मोबाइल फोन और उसके साथ ही साथ EV यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैट्री शामिल है। इसके अलावा बायोगैस मिक्स्ड CNG, माइक्रोवेव ओवन, सोलर से जुड़े सामान और कपड़े भी सस्ते होंगे।
वहीं शराब के अलावा स्क्रैप और खनिज महंगा हो जाएगा। 'Future Option Trading' भी महंगी होगी।