नई दिल्ली। केंद्र सरकार अगले महीने खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए एक नया ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने जा रही है। दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस नए ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से सिम कार्ड हटा देने या यूनिक कोड आईएमईआई नंबर बदलने पर भी चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाना संभव होगा।
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सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) ने इस नई ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी को तैयार किया है और इस नई सर्विस को अगस्त में लॉन्च करने की संभावना है। दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने बताया कि सी-डॉट नई टेक्नोलॉजी के साथ तैयार है। दूरसंचार विभाग संसद सत्र के बाद इस नई टेक्नोलॉजी को लॉन्च करने के लिए दूरसंचार मंत्री से संपर्क करेगा। संसद का मौजूदा सत्र 26 जुलाई तक चलेगा।
दूरसंचार विभाग ने जुलाई, 2017 में नकली मोबाइल फोन और चोरी की घटनाओं में कमी लाने के लक्ष्य के साथ सी-डॉट को सेंट्रल एक्विपमेंट आइडेंटीटी रजिस्टर (सीईआईआर) विकसित करने का काम दिया था। सरकार ने सीईआईआर के गठन के लिए 15 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की थी।
सीईआईआर प्रणाली सिम कार्ड निकालने या आईएमईआई नंबर बदले जाने के बावजूद चोरी या खोए हुए फोन पर सभी तरह की सेवाओं को अवरूद्ध कर देगी। इस सिस्टम से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को कानूनी जांच में मदद की उम्मीद है।