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हाइब्रिड फंड: आपका ऑल-वेदर फ्रेंड, मार्केट की हलचल से दूर, पाएं स्थिर और शानदार रिटर्न

Edited By: Alok Kumar @alocksone Published : Jun 03, 2025 01:53 pm IST, Updated : Jun 03, 2025 01:53 pm IST

22 मई, 1995 से 22 मई, 2025 तक सेंसेक्स में 24 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन यह यात्रा बिना गिरावट के कभी नहीं रही।

Hybrid Fund - India TV Paisa
Photo:FILE हाइब्रिड फंड

देश के कई हिस्सों में जल्दी आए मानसून ने गर्मी से राहत दिला दी है। हम इस मौसम की पहली बारिश का आनंद तो ले रहे हैं, लेकिन हम बारिश में भीगने और बीमार पड़ने से बचने के लिए छाते और रेनकोट भी तैयार रखना कभी नहीं भूलते। ठीक वैसे ही, इक्विटी मार्केट भी अप्रत्याशित हो सकता है। भले ही मार्केट की अस्थिरता को टाला नहीं जा सकता, हम इसके प्रभाव को निश्चित रूप से कम कर सकते हैं। यह काम आप हाइब्रिड फंड के जरिये कर सकते हैं। फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया एमएफ के पोर्टफोलियो मैनेजर और वाइस प्रेसिडेंट, राजसा के बता रहे  इस फंड के फायदे। 

बाजार के उतार-चढ़ाव से रहें बेफिक्र

22 मई, 1995 से 22 मई, 2025 तक सेंसेक्स में 24 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन यह यात्रा बिना गिरावट के कभी नहीं रही। उदाहरण के लिए, ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस (2008), कोविड-19 संकट (2020) और हाल ही में अमेरिका द्वारा ट्रेड टैरिफ की घोषणा (अप्रैल 2025) के बाद 15% की मार्केट गिरावट देखी गई है। इतने कम समय में सामने आई इस अस्थिरता ने कम रिस्क लेने वाले निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। ऐसे निवेशक जोखिम के प्रति सजग रहते हुए भी मार्केट में भागीदारी करके वेल्थ कैसे बना सकते हैं? हाइब्रिड फंड इसका जवाब हो सकते हैं।

क्यों यह जोखिम को करता है कम?

ये फंड दो या अधिक एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इनमें कम या नहीं के बराबर संबंध होता है। कुछ मामलों में, एक एसेट क्लास दूसरे (इक्विटी और डेट) की तुलना में कम गिरावट दर्ज कर सकता है, या एक एसेट क्लास तब बढ़ सकता है जब दूसरा गिर रहा हो (गोल्ड और इक्विटी)। ऐसे विविधतापूर्ण निवेश से फंड पोर्टफोलियो में अस्थिरता कम हो जाती है। रिटर्न सहज हो जाते हैं और किसी एक एसेट क्लास में गिरावट का फंड पोर्टफोलियो पर प्रभाव कम हो जाता है।

आइए एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए, आप एक वर्किंग मदर हैं जो अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए फंड जुटाना चाहती हैं। आपने 10 साल के लिए निवेश करने का लक्ष्य बनाया है और आपको अपने बच्चे के सपनों को पूरा करने के लिए बड़े कॉर्पस फंड की जरूरत है। आप बहुत अधिक अस्थिरता के साथ सहज नहीं हैं। ऐसी स्थिति में इस निवेशक के पास विचार करने के लिए कई विकल्प हैं।

वह बैलेंस्ड एडवांटेज फंड जैसे हाइब्रिड फंड पर विचार कर सकती हैं। यह इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज में निवेश करता है और मार्केट कंडीशन के आधार पर दोनों एसेट क्लास में डायनामिकली एलोकेशन मैनेज करता है। इससे बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न मिलते हैं। वह मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में भी निवेश कर सकती हैं, जो इक्विटी, डेट और कमोडिटीज जैसे तीन एसेट क्लास में निवेश करके और विविधता प्रदान करता है। 

3 साल का लक्ष्य तो कहां करें निवेश?

जिन निवेशकों का लक्ष्य 3 साल तक के छोटी निवेश अवधि का होता है, वे इक्विटी सेविंग्स फंड में निवेश कर सकते हैं। ये फंड इक्विटी, आर्बिट्रेज अवसरों और डेट में निवेश करते हैं। इसमें मार्जिनल इक्विटी कंपोनेंट होता है, जो डाउनसाइड रिस्क को कम करता है। ये फंड उन निवेशकों के लिए भी उपयुक्त हैं, जो सिस्टेमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के जरिए नियमित आय के लिए निवेश करना चाहते हैं।

जो हाइब्रिड फंड 65% से अधिक इक्विटी एलोकेशन बनाए रखते हैं, उन्हें इक्विटी टैक्सेशन का लाभ मिलता है, जहां एक वित्तीय वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% टैक्स लगता है, न कि निवेशक के स्लैब रेट पर। तो, हाइब्रिड म्यूचुअल फंड को अपनाकर बाजार की अस्थिरता को अपना दोस्त बनाएं।

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