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HDFC Bank ने चुनिंदा मेच्योरिटी पीरियड वाले कर्ज पर ब्याज दर 0.05% बढ़ाई, जानें पूरी बात

नई दरें 7 नवंबर, 2024 से प्रभावी हो गई हैं। यह दर वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा लगातार दसवीं बार अपनी नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने के निर्णय के बाद की गई है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Nov 07, 2024 05:10 pm IST, Updated : Nov 07, 2024 05:26 pm IST
एमसीएलआर को आधार बनाकर ही ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज जैसे ऑटो लोन और पर्सनल लोन की दरें तय की जाती हैं। - India TV Paisa
Photo:FILE एमसीएलआर को आधार बनाकर ही ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज जैसे ऑटो लोन और पर्सनल लोन की दरें तय की जाती हैं।

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज एचडीएफसी बैंक ने गुरुवार को चुनिंदा मेच्योरिटी पीरियड वाले कर्ज को महंगा कर दिया है। बैंक ने कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) 0.05 प्रतिशत बढ़ा दी। बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, अब चुनिंदा कर्ज पर कर्ज पर कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) 0.05 प्रतिशत बढ़ा दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एक साल की अवधि के लिए मानक एमसीएलआर दर को 9.45 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

कितना बढ़ गया एमसीएलआर

खबर के मुताबिक, कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) को आधार बनाकर ही ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज जैसे ऑटो लोन और पर्सनल लोन की दरें तय की जाती हैं। नए ऐलान के बाद , एक दिन के लिए एमसीएलआर 9.10 प्रतिशत से बढ़कर 9.15 प्रतिशत हो गई है, जबकि एक महीने की दर 0.05 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9.20 प्रतिशत हो गई है। दूसरी मेच्योरिटी अवधि वाले कर्ज के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरी अवधियों यानी 3 महीने, 6 महीने और एक वर्ष के लिए उधार दरें समान यानी क्रमशः 9.3 प्रतिशत, 9.45 प्रतिशत और 9.45 प्रतिशत रहेंगी।

दरें 7 नवंबर, 2024 से प्रभावी

नई दरें 7 नवंबर, 2024 से प्रभावी हो गई हैं। यह दर वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा लगातार दसवीं बार अपनी नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने के निर्णय के बाद की गई है। एमसीएलआर का अर्थ फंड की सीमांत लागत आधारित उधार दरों से है, जिसके नीचे उधारदाताओं को उधार देने की अनुमति नहीं है। साल 2016 में, भारतीय रिजर्व बैंक ने बेस रेट सिस्टम को एमसीएलआर आधारित उधार दरों से बदल दिया। बता दें, जिन उधारकर्ताओं ने 2016 से पहले लोन लिया था, वे अभी भी बेस रेट या बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट्स (BPLR) के अनुसार ही काम करते हैं।

ग्राहकों को किया है अलर्ट

एचडीएफसी बैंक की तरफ से ग्राहकों को निवेश के अवसर देने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कारोबारी प्लेटफॉर्म के बारे में सतर्क रहने की सलाह है। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक का कहना है कि ज्यादातर आकर्षक पेशकश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये आती हैं और इस सलाह का मकसद ग्राहकों की सुरक्षा के लिए संभावित निवेश धोखाधड़ी के बारे में जागरुकता बढ़ाना है। निवेश धोखाधड़ी के मामलों में धोखेबाज आमतौर पर शेयर, आईपीओ, क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन जैसी परिसंपत्तियों में निवेश पर असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का वादा करते हुए नजर जाते हैं।

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