जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
आज से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अस्थायी लेवी की जगह स्थायी एक्साइज ड्यूटी लागू हो गई है, जिसकी वजह से तंबाकू कंपनी आईटीसी के शेयरों में आज करीब 10 प्रतिशत भारी-भरकम गिरावट दर्ज की गई।
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
मंगलवार को एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 4.75 अंकों (0.02 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 26,177.15 अंकों पर बंद हुआ।
रिपोर्ट बताती है कि अब शॉर्ट-टर्म इंसेंटिव्स यानी परफॉर्मेंस से जुड़े बोनस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
देशभर में लाखों टैक्सपेयर्स पिछले कई महीनों से अपने ITR रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। सितंबर 16 की समय-सीमा बीतने के बाद ज्यादातर रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग अब भी रिफंड के अपडेट का इंतजार कर रहा है।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
बदलावों में आधार-पैन लिंकिंग से लेकर आयकर रिटर्न फाइलिंग और बीएसई इंडेक्स में फेरबदल जैसे अहम फैसले शामिल हैं। एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने का ऑप्शन 1 दिसंबर से खत्म हो गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा कार्यक्रम में व्यापक बदलाव किया है। ये कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विशिष्ट व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।
आज खासतौर पर आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। टाटा मोटर्स के डिमर्जर के बाद उसकी दूसरी कंपनी- टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के शेयर भी आज बाजार में लिस्ट हो गए।
टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। इनकम टैक्स विभाग ने ऑडिटेड केस और कॉरपोरेट्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख आगे बढ़ा दी है। जो टैक्सपेयर्स हर साल डेडलाइन के तनाव में रहते हैं, उनके लिए यह फैसला किसी राहत से कम नहीं है।
एच-1बी वीजा धारक बिना किसी प्रतिबंध के अमेरिका में आना-जाना जारी रख सकते हैं, जो फीस घोषणा के बाद उठाई गई सबसे बड़ी चिंताओं में से एक का समाधान है।
इटली की सरकार ने साल 2017 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए गोल्डन वीजा यानी इंवेस्टर वीजा की शुरुआत की थी।
NITES के प्रतिनिधित्व के आधार पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने महाराष्ट्र के श्रम सचिव को इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सुरेंद्र कुमार जयसवाल ने कहा कि ITC हटाए जाने की वजह से इंडस्ट्री में नया निवेश प्रभावित होगा।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आईटी कंपनियों के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उनकी मजबूत रणनीतियां और ऑपरेशनल मॉडल इस असर को काफी हद तक कम कर देंगे।
एंप्लॉयर (कंपनी) के साइज और बाकी कॉस्ट के आधार पर H-1B वीजा फीस अभी तक लगभग 2,000 अमेरिकी डॉलर से 5,000 अमेरिकी डॉलर तक था।
अमेरिका के संघीय आंकड़ों के अनुसार, भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2025 तक 5000 से ज्यादा स्वीकृत H-1B वीजा के साथ इस प्रोग्राम की दूसरी सबसे बड़ी लाभार्थी है।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान उनके सलाहकार रहे और इमिग्रेशन पॉलिसी पर एशियाई-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय भुटोरिया ने H-1B वीजा फीस बढ़ाने संबंधी ट्रंप की नई योजना से अमेरिकी आईटी सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पर संकट मंडराने की चेतावनी दी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
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