इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दिया था।
टैक्सपेयर्स की शिकायतों पर जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ने कहा है कि पोर्टल ठीक काम कर रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने जवाब में कहा, ''कृपया अपना ब्राउजर क्लियर करें या किसी दूसरे ब्राउजर से ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।''
आयकर रिटर्न फाइलिंग असेसमेंट ईयर 2025-26 की डेडलाइन 15 सितंबर है। अगर आपने ITR 2025 की अंतिम तिथि तक रिटर्न फाइल नहीं किया, तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि आप कई अहम टैक्स लाभों से भी वंचित रह जाएंगे।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पोस्ट में कहा गया है कि आईटीआर फाइलिंग, टैक्स भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए हेल्पडेस्क चौबीसों घंटे काम कर रहा है और विभाग अन्य माध्यम से भी सहायता प्रदान कर रहा है।
कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सरकार से एक और एक्सटेंशन की मांग शुरू कर दी है। उन्होंने बढ़ते लॉगिन ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों को इसकी वजह बताई है।
भारत लंबे समय से आईटी आउटसोर्सिंग और इससे जुड़ी सेवाओं का केंद्र रहा है, इसलिए इस बिल ने भारतीय आईटी इंडस्ट्री में चिंता पैदा कर दी है, जो रेवेन्यू के लिए अमेरिकी ग्राहकों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।
आज सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 9 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख चूक जाते हैं, तो इसका सबसे पहला और सीधा असर आयकर की धारा 234F के तहत लगने वाले पेनाल्टी चार्ज के तौर पर फेस करना होता है।
मंगलवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 5 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में खुले और बाकी 21 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में खुले।
आयकर विभाग ने 13 फरवरी 2025 से ही नए नियमों और फॉर्म्स पर काम शुरू कर दिया था। एक Rules & Forms कमेटी बनाई गई है, जो पुराने नियमों की समीक्षा और सुधार पर काम कर रही है।
टैक्सबडी का ये प्लेटफॉर्म टैक्सपेयर्स की सभी कंफ्यूजन को दूर करते हुए आईटीआर फाइल करने में मदद करेगा।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 10 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
आईटीआर दाखिल करना एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आप किसी विशेष वित्तीय वर्ष के लिए अपनी आय का विवरण, अन्य आय पर देय कर, कटौतियों और छूटों की घोषणा करते हैं। टैक्स योग्य आय या मूल छूट सीमा से अधिक आय वाले व्यक्तियों को हर साल नियत तिथि से पहले अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होता है।
Income Tax Return: चाहे आप ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर रहे हों या डाक द्वारा, टैक्स दाखिल करना अक्सर आखिरी समय की प्रक्रिया होती है जिससे महत्वपूर्ण जानकारी छूट सकती है या गलतियां हो सकती हैं।
आप सैलरीड व्यक्ति हों, फ्रीलांसर, व्यापारी या फिर पेंशनभोगी – हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग फॉर्म तय हैं। ऐसे में आपको आईटीआर फाइल करने के लिए एक सही फॉर्म की जानकारी होनी बहुत जरूरी है।
आज एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 30.70 अंकों की (0.12%) तेजी के साथ 24,596.05 अंकों पर खुला।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 30 जुलाई 2025 को घोषणा करते हुए कहा कि करदाताओं कृपया ध्यान दें! ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि टीसीएस का ये कदम व्यापक आर्थिक दबाव, ग्राहकों की बदलती अपेक्षाओं और उद्योग के ज्यादा चुस्त, परिणाम-आधारित मॉडल की तरफ रुख करने का नतीजा है।
इनकम टैक्स भरने में काफी सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि फॉर्म चुनने से लेकर जानकारी भरने में गलती होने का चांस अधिक होता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए नियम के मुताबिक, अब सोशल मीडिया, यूट्यूब, एफएंडओ ट्रेडिंग, कमीशन एजेंसी,सट्टा या स्टॉक ट्रेडिंग से कमाई करने वाले तमाम लोगों को आईटीआर फाइल करते समय नया कोड डालना होगा।
लेटेस्ट न्यूज़