चीन और अमेरिका के बाद दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातक भारत ने छूट पर उपलब्ध रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सभी सामान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने के लिए इस टैरिफ के साथ पेनल्टी भी लगाने की घोषणा की है।
अमेरिका ने भारत के लिए नए टैरिफ रेट का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा।
हाल के सप्ताहों में ट्रंप लगातार यह संकेत देते आ रहे थे कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द हो सकता है, जिससे उम्मीद बनी थी कि 1 अगस्त से पहले समझौता हो जाएगा। लेकिन अब तक न तो कोई ठोस निर्णय हुआ है, जिससे व्यापारिक हलकों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
अमेरिकी प्रशासन ने भारत सहित कई देशों पर उच्च सीमा शुल्क लगाए हुए हैं, जिनकी निलंबन अवधि 1 अगस्त को खत्म होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल 2 अप्रैल को उच्च जवाबी शुल्कों की घोषणा की थी।
भारत का कहना है कि वह मोटर व्हीकल और उसके कंपोनेंट्स पर लगाए 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के विरुद्ध जवाबी टैरिफ लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है और ये टैरिफ सुरक्षा उपाय हैं जो उसके घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत के साथ वही व्यापार समझौता करना चाहता है जो उसने हाल ही में इंडोनेशिया के साथ किया है।
भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। भारतीय दल इस समझौते के लिए पांचवें दौर की बातचीत के लिए वाशिंगटन में है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-मई में भारत का अमेरिका को निर्यात 21.78% बढ़कर 17.25 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इस दौरान आयात 25.8% बढ़कर 8.87 अरब डॉलर रहा।
भारत की तरफ से मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय दल समझौते पर बातचीत पूरी करने के बाद इस महीने की शुरुआत में ही वॉशिंगटन से लौटा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत समेत सभी बिक्स (BRICS) देशों पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत कोई भी व्यापार समझौता समयसीमा के आधार पर नहीं करता है और समझौते को तभी स्वीकार करेगा जब ये पूरी तरह से अंतिम रूप ले लेगा, उचित रूप से संपन्न हो जाएगा और राष्ट्रीय हित में होगा।
एग्रीकल्चर सेक्टर में, अमेरिका डेयरी उत्पादों, सेब, पेड़ों से प्राप्त मेवों और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों जैसे उत्पादों पर शुल्क में रियायतें चाहता है।
भारत और अमेरिका के बीच इस बातचीत का मकसद 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करके 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है।
हॉवर्ड लुटनिक ने कहा, ''अगर आप रूस से अपने हथियार खरीदने जा रहे हैं तो ये अमेरिका को नाराज करने का एक तरीका है।''
वित्त मंत्रालय की मंथली इकोनॉमिक रिव्यू में कहा गया है कि विदेशी निवेशक उन नीतियों पर पॉजिटिव रिएक्शन दे सकते हैं जो देश की मध्यम अवधि की विकास संभावनाओं को मजबूत करती हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ ट्रेड एग्रीमेंट सफल रूप से निष्कर्ष पर पहुंचने के ‘बहुत करीब’ है।
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिकी व्यापार नीति में चल रहे बदलावों से घरेलू विकास पर बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत निर्यात पर निर्भर अर्थव्यवस्था नहीं है।
India US Trade Deal : पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपने आदर्श वाक्य ‘इंडिया फर्स्ट’ के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाता रहेगा।
भारत ने अमेरिका के साथ बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार के लिए कारों, रसायनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों के आयात में बड़ी टैरिफ कटौती का संकेत दिया है।
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