इंडियन बैंक में 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की एफडी कराई जा सकती है। ये सरकारी बैंक अपने ग्राहकों को एफडी खातों पर 2.80 प्रतिशत से लेकर 7.20 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर कर रहा है।
इंडियन बैंक अपने ग्राहकों को एफडी खातों पर 2.80 प्रतिशत से लेकर 7.35 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर कर रहा है।
इंडियन बैंक 444 दिनों की स्पेशल एफडी स्कीम पर सामान्य नागरिकों को सबसे ज्यादा 6.70 प्रतिशत, सीनियर सिटीजन को 7.20 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन (80 साल से ज्यादा उम्र के लोग) को 7.45 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है।
पब्लिक सेक्टर का इंडियन बैंक 2 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.40 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है।
एवरेज मंथली बैलेंस नियम के तहत ग्राहकों को अपने बचत खाते में एक तय राशि को मेनटेन करके रखना होता है।
दोनों बैंकों ने रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट में कटौती कर दी है। घटी हुई ब्याज दरों के अलावा, एक सरकारी बैंक रियायती प्रोसेसिंग शुल्क और शून्य दस्तावेजीकरण शुल्क जैसे लाभ भी दे रहा है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 की तुलना में बैंकों की लाभप्रदता प्रभावित होगी, साथ ही यह प्रभाव सीमित होगा क्योंकि शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में गिरावट धीरे-धीरे होने की संभावना है।
पब्लिक सेक्टर के इन बैंकों द्वारा ब्याज दरें घटाए जाने के इस फैसले से उनके मौजूदा और नए ग्राहकों, दोनों को फायदा होगा। इन 4 बैंकों के साथ ही अब अन्य बैंक भी जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करना शुरू कर देंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले महीने रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत किया था। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती करने के बावजूद इंडियन बैंक ने लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
एजेंसी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2022-23 में 38 प्रतिशत से बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद का करीब 40 प्रतिशत होने के बावजूद भारत का घरेलू ऋण दुनिया में सबसे कम है।
वित्त वर्ष 24 की मार्च तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 9 प्रतिशत बढ़कर 6,015 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 23 की मार्च तिमाही में 5,508 करोड़ रुपये थी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में एफडी पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक टैक्स सेविंग एफडी पर 6.70% की दर से ब्याज प्रदान कर रहा है।
आईआईएफएल सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने इंडिया टीवी को बाताया कि मजबूत फंडामेंटल वाले बैंक के शेयर हमेशा निवेशकों को फायदा कराते हैं।
RBI Policy: बैंक ने रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की इस सप्ताह होने वाली बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।
बैंक का ग्रॉस एनपीए 30 जून, 2021 को समाप्त तिमाही में घटकर 9.69 प्रतिशत रहा। एक साल पहले जून, 2020 में यह 10.90 प्रतिशत पर था
कुछ स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि 2000 रुपये के 100 नोट लेने के लिए उन्हें 2.2 लाख से लेकर 2.4 लाख रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
यदि आप इंटरनेट बैंकिंग के जरिए लेनदेन करते हैं तो आपको अब ट्रांजेक्शन के लिए नया IFSC कोड दर्ज करना होगा।
तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय बढ़कर 11,669 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 6,045 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही के दौरान कुल ऋण पर बैंक का एनपीए बढ़कर 9.89 प्रतिशत हो गए, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7.20 प्रतिशत थीं। इंडियन बैंक में एक अप्रैल, 2020 से इलाहाबाद बैंक का विलय हुआ है।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है।
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