हर माह की शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को श्री हरि की पूजा होती है। यह दिन भगवान विष्णु के लिए खास समर्पित माना जाता है। इस दिन परंपरा है व्रत रखने का और विशेष पूजा पाठ करने का। हिंदू पंचांग की मानें तो माघ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी मनाई जाती है। ऐसे में आइए आपको बताएं कि एकादशी व्रत के दौरान लोगों को क्या परहेज करना चाहिए...
एकादशी के दिन धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा करने से जातक के लाइफ में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं आती है। इस व्रत के समय जातक को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए, जो बेहद अनिवार्य होते हैं। कहा जाता है कि यदि इन नियमों का पालन हो तो व्रत खंडित माना जाता है और जातक को लाभ की जगह हानि हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एकादशी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, एकादशी के दिन जातक और उसके परिवार को चावल बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। साथ ही व्रत के दौरान किसी प्रकार अन्न और सादा नमक से जातक को परेहज करना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी परिस्थिति में जातक को तामसिक भोजन जैसे- प्याज, लहसुन और मसूर की दाल का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
जातक व्रत के दौरान संपूर्ण फल प्राप्ति के लिए नियमों के मुताबिक, शकरकंद, कुट्टू के आटे की रोटी, दूध, दही और फल खा सकते हैं। इसके अलावा, भगवान को भोग लगाया गया पंचामृत भी ग्रहण कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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