Epstein survivor Rina Oh: रीना ओह नाम की एक महिला ने जेफरी एपस्टीन की करतूतों का काला सच बयां किया है। रीना जेफरी एपस्टीन की पीड़िता हैं। रीना ने अपने साथ हुई भयानक घटनाओं को याद करते हुए हैरान करना वाली बातें बताई हैं। रीना की उम्र अब 40 साल से अधिक है। वो कहती हैं कि 1990 के अंत में वो 21 साल की थीं। वो एक आर्ट स्टूडेंट थीं और करियर बनाने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान जेफरी एपस्टीन उनके संपर्क में आया। वो साइकोपैथ था।
रीना के मुताबिक एपस्टीन ने उन्हें एक अच्छा ऑफर दिया। द सन की रिपोर्ट के अनुसार यह ऑफर था बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप, बिना किसी शर्त के। इस दौरान एपस्टीन ने रीना से यह भी कहा, "तुम्हें मुझसे दोबारा कभी नहीं मिलना पड़ेगा।" लेकिन एपस्टीन बार-बार रीना को मिलने के लिए बुलाता रहा। जब रीना ने मना किया, तो एपस्टीन ने स्कॉलरशिप वापस ले ली। उसने कहा, "तुम बात नहीं मान रही हो, इसलिए मैं इसे छीन रहा हूं।"
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रीना फ्लोरिडा की एक ट्रिप में एपस्टीन एस्टेट में गईं। बकौल रीना वो वहां अकेली और डरी हुई महसूस कर रही थीं। वहां कोई दूसरी लड़की भी थी। उनके पास ना तो पैसे थे, ना ट्रांसपोर्ट। वो बाहर नहीं जा सकती थीं। उन्हें पता चला कि वहां एक प्रोटोकॉल था- ज्यादातर लोग मसाज रूम में जाते थे। एपस्टीन की किताबें, व्यवहार और फोन कॉल्स देखकर उन्हें लगा कि इस आदमी में कुछ गड़बड़ है। इसके बाद एपस्टीन ने उन्हें धमकी दी और विदेश में अपनी कुछ गलत हरकतों के बारे में बताया। एपस्टीन ने कहा कि अगर रीना ने किसी को कुछ भी बताया तो वो उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाएगा। रीना ने कहा, 'मैं फंस गई थी।'
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू की गिरफ्तारी पर रीना ने कहा कि इससे उन्हें राहत नहीं मिली, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। यह अमेरिका के लिए एक उदाहरण है कि क्या करना चाहिए। रीना ने अमेरिकी सरकार पर आरोप लगाया कि वो जवाबदेही से बच रही हैं। एपस्टीन फाइलों में जिन-जिन के नाम हैं, उनसे पूछताछ होनी चाहिए। जिन्होंने गवाही नहीं दी, उनसे कसम दिलाकर सवाल पूछे जाएं। सभी हटाए गए नाम सार्वजनिक किए जाएं, क्योंकि ये दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर लोग हैं। ट्रंप का नाम आता है तो उन्हें भी गवाही देनी चाहिए, क्योंकि वो बहुत कुछ जानते थे और देखा था।
रीना एपस्टीन को गुस्सैल नार्सिसिस्ट कहती हैं। रीना ने कहा वो सिर्फ शारीरिक कंट्रोल नहीं करते थे, बल्कि मानसिक और भावनात्मक दबाव भी डालते थे। इससे उबरने में दशकों लग जाते हैं। पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। रीना बाद में इन सब से अलग हुईं और फैशन PR में काम करने लगीं। उन्हें कंट्रोल में रहना पसंद नहीं था। एपस्टीन ने बाद में फैशन शो के लिए इनविटेशन मांगे, लेकिन रीना ने कभी नहीं दिया।
2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी के समय रीना ने अपनी पहचान जाहिर की, ताकि दूसरे पीड़ितों की मदद कर सकें। उन्होंने अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा कुर्बान कर दी। एक साथी पीड़िता वर्जीनिया गिफ्रे ने अपनी अनपब्लिश्ड यादों में रीना के बारे में गलत बातें लिखीं, जिससे रीना को मानहानि का केस करना पड़ा। उन्हें साबित करना पड़ा कि वो पीड़ित हैं, अपराधी नहीं।
रीना का कहना है कि पैसे और ताकत वाले लोग जांच से बच जाते हैं। उनके पास अच्छी लीगल टीम होती है और वो कानून के हर लूपहोल का फायदा उठाते हैं। अभी तक कोई जवाबदेही नहीं हुई। यूरोप के कुछ देश एक्शन ले रहे हैं, अमेरिका में भी ऐसा होना चाहिए। 20 लाख से ज्यादा फाइलें अभी रिलीज नहीं हुई हैं। उनमें क्या है यह जानना भी जरूरी है।
रीना का कहना है कि पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्हें लगता है कि यह ट्रैफिकिंग ऑपरेशन अभी भी कहीं चल रहा है। जब तक सब साफ नहीं होगा, तब तक उन्हें सुकून नहीं मिलेगा। रीना के मुताबिक उनके लिए इंसाफ तब होगा जब हर नाम सामने आएगा और हर सवाल का जवाब कसम खाकर दिया जाएगा।
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