हर व्यक्ति जीवन में एक कामयाब इंसान बनना चाहता है। लेकिन कामयाबी का रास्ता इतना आसान नहीं होता जितना लगता है। कोई भी व्यक्ति तभी आगे बढ़ता है जब उसके अंदर सीखने और खुद को लायक बनाने की लगन हो। सफल बनने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती है लेकिन कई बार असफलता भी हाथ लगती है। लगातार मिल रही असफलताओं से लोग निराश हो जाते हैं और मेहनत करना छोड़ देते हैं। लेकिन यही वो वक्त होता है जब आपको मेहनत करने की जरूरत होती है। बुरे वक्त लोगों को मोटिवेशन की भी जरूरत होती है। ऐसे में यहां हम जग्गी वासुदेव सद्गुरु के अनमोल विचार लेकर आए हैं जो आपको मोटिवेट करने का काम करेंगे। यहां पढ़ें उनके मोटिवेशनल कोट्स।
आपकी बुद्धिमता तभी आपके लिए आपके आसपास के लोगों के लिए उपयोगी है,जब तक उसमें बैलेंस न हो।
लीडरशिप ताकत दिखाने का काम नहीं है। यह काम तो कोई भी मूर्ख कर सकता है। लीडरशिप का मतलब है लोगों को उनके सबसे अच्छे काम से प्रेरित करना।
जब व्यक्ति परिपक्व और संतुलति हो जाता है,तो उशके काम में खुद ही खूबसूरती और खासपन दिखने लगता है।
सफलता सिर्फ मेहनत से नहीं मिलती है,बल्कि उस काम को आप किस समय पर किस तरह से कर रहे है ये भी मायने रखता है।
ईमानदारी, अंतर्दृष्टि और समावेशित, ये हैं लीडरशिप की तीन अहम विशेषताएं।
कोई भी काम स्ट्रेसफुल नहीं होता है। लेकिन जब आप अपने शरीर, मन और भावनाओं को संभाल नहीं पाते तो काम स्ट्रेसफुल लगने लगता है।
लीडरशिप का मतलब परिस्थिति पर हावी होना नहीं होता है, बल्कि लोगों को इस सशक्त बनाना है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी न की हो।
एक लीडर का हर विचार, इमोशन और काम का असर दूसरों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप खुद पर पहले काम करें।
क्या संभव है और क्या नहीं ये तय करना आपका काम नहीं है। ये तय करना प्रकृति का काम है. आपका काम है सिर्फ उस चीज पर फोकस करना जो आप करना चाहते हैं।
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