1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Rudraksh Niyam: कैसे करें असली और नकली रुद्राक्ष में फर्क? इस शक्तिशाली बीज को पहनने से पहले जान लें जरूरी नियम

Rudraksh Niyam: कैसे करें असली और नकली रुद्राक्ष में फर्क? इस शक्तिशाली बीज को पहनने से पहले जान लें जरूरी नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Feb 14, 2026 11:11 pm IST,  Updated : Feb 14, 2026 11:11 pm IST

Rudraksha Wearing Rules: मंदिर परिसर की दुकानों और बाजार में नकली रुद्राक्ष की भरमार है, इसलिए इसे खरीदते समय सावधानी जरूरी है। यहां जानें असली रुद्राक्ष की पहचान के आसान तरीके और धारण करने के महत्वपूर्ण नियम।

Rudraksha wearing rules- India TV Hindi
रुद्राक्ष धारण करने के नियम Image Source : PTI

Rudraksha Wearing Rules: रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है। रुद्र और अक्ष से मिलकर बना रुद्राक्ष शब्द शिव के आंसुओं का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महादेव की तपस्या के बाद गिरे आंसुओं से रुद्राक्ष वृक्ष की उत्पत्ति हुई। रुद्राक्ष के दाने केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच के रूप में भी धारण किया जाता है। रुद्राक्ष का उपयोग आंतरिक शांति, मानसिक एकाग्रता और आध्यात्मिक विकास के लिए किया जाता है। ये मन और शरीर को स्थिर करते हैं। भारी मांग होने के कारण बाजार में नकली रुद्राक्ष खूब बिकते हैं। आइए जानते हैं कि असली रुद्राक्ष की पहचान कैसे की जाती है। इसके साथ ही रुद्राक्ष को धारण करने का सही तरीका और नियमों के बारे में भी यहां जानकारी हासिल करेंगे। 

रुद्राक्ष का धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भोलेनाथ के आंसूओं से बना रुद्राक्ष शिव कृपा का प्रतीक है। इस शक्तिशाली बीच को धारण करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल मिलता है। बहुत से लोग इसे ग्रह दोष से बचाव और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी पहनते हैं।

बाजार में नकली रुद्राक्ष से सावधान

आजकल बाजार में लकड़ी, प्लास्टिक या कृत्रिम रूप से तैयार किए गए नकली रुद्राक्ष बेचे जा रहे हैं। ऐसे में बिना जांच परख के रुद्राक्ष धारण करना उचित नहीं है। सही पहचान के बाद ही इसे पहनना चाहिए।

असली रुद्राक्ष पहचानने के 3 आसान तरीके

  1. पानी में डालकर जांच: एक गिलास साफ पानी में रुद्राक्ष डालें। असली रुद्राक्ष भारी और ठोस होता है, इसलिए वह पानी में डूब जाता है। नकली या हल्के पदार्थ से बना रुद्राक्ष ऊपर तैर सकता है। हालांकि बहुत पुराने रुद्राक्ष कभी कभी तैर भी सकते हैं, इसलिए अन्य परीक्षण भी करें।
  2. गर्म पानी से जांच: रुद्राक्ष को 20 से 30 मिनट तक उबलते पानी में रखें। असली रुद्राक्ष अपना रंग नहीं छोड़ता और न ही उसमें कोई बदलाव आता है। यदि वह गोंद से चिपकाया गया है या रंगा गया है, तो उबलते पानी में उसका रंग उतर सकता है या वह अलग हो सकता है।
  3. तांबे के सिक्के से जांच: कहा जाता है कि असली रुद्राक्ष में प्राकृतिक विद्युत गुण होते हैं। दो तांबे के सिक्कों के बीच हल्का दबाने पर उसमें हल्की सी हलचल महसूस हो सकती है।

रुद्राक्ष धारण करने के जरूरी नियम

  1. रुद्राक्ष पहनने से पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें और ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। 
  2. श्मशान घाट जाने या मांस मदिरा का सेवन करने से पहले रुद्राक्ष को उतार देना चाहिए। 
  3. रुद्राक्ष को लाल या पीले धागे में पहनना शुभ माना जाता है। हालांकि, सोने या चांदी में भी धारण किया जा सकता है। 
  4. अपने रुद्राक्ष को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

Maha Shivratri Special: महाशिवरात्रि से पहले अगर सपने में नजर आ रही हैं ये चीजें तो समझिए बदलने वाला है भाग्य

Surya Grahan 2026: महाशिवरात्रि के बाद लगने वाला है सूर्य ग्रहण, इन राशियों को होगी जबरदस्त धन हानि, एक महीने तक लगेंगे कई झटके

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म