Sakat Chauth 2026 Puja Vidhi, Muhurat, Moon Rise Time Live: सकट चौथ व्रत को संकष्टी चतुर्थी व्रत, माघी चतुर्थी, संकट चौथ, तिल चौथ, तिलकुट चौथ और महाराष्ट्र में लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। मान्यताओं अनुसार इस व्रत को रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वहीं महिलाएं ये व्रत मुख्य रूप से अपनी संतानों की लंबी आयु के लिए रखती हैं। ये व्रत निर्जला या फलाहार का सेवन करते हुए कैसे भी रखा जा सकता है। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से होती है और समापन चंद्रोदय के बाद होता है। इस व्रत का मुख्य प्रसाद तिल और गुड़ के लड्डू, काली गाजर और शकरकंद होता है। यहां आप जानेंगे सकट चौथ से जुड़ी हर एक जानकारी।
सकट चौथ का चांद कितने बजे दिखेगा 2026 (Sakat Chauth Ka Chand Kab Dikhega 2026)
सकट चौथ का चांद रात 8 बजकर 54 मिनट पर दिखने की पूरी उम्मीद है। शहर अनुसार चांद दिखने के समय में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।
सकट चौथ 2026 की पूजा विधि (Sakat Chauth 2026 Puja Vidhi)
- सकट चौथ की पूजा शाम में की जाती है।
- शाम के समय आप स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- फिर एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- फिर भगवान गणेश को दूर्वा, रोली, अक्षत, तिल-गुड़ से बने तिलकुट का भोग अर्पित करें।
- साथ में भगवान को गन्ना, काली गाजर और शकरकंद का भोग भी लगाएं।
- सकट चौथ की कथा जरूर सुनें।
- रात में चंद्रमा का उदय होने पर चांद की पूजा-अर्चना करें और जल, दूध और अक्षत मिलाकर अर्घ्य चढ़ाएं।
- चांद की पूजा के बाद तिलकुट का प्रसाद खाकर अपना व्रत खोल लें।
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