Saturday, February 28, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. एशियाई की तुलना में अश्वेत लोगों को ज्यादा करना पड़ता है नस्लवाद का सामना : मोंटी पनेसर

एशियाई की तुलना में अश्वेत लोगों को ज्यादा करना पड़ता है नस्लवाद का सामना : मोंटी पनेसर

Reported by: Bhasha Published : Jul 14, 2020 06:55 pm IST, Updated : Jul 14, 2020 06:55 pm IST

भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों को यदा कदा ही नस्लवाद का सामना करना पड़ता है लेकिन इसकी तुलना अश्वेत समुदाय के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में हो रहे बर्ताव से नहीं की जा सकती।

एशियाई की तुलना में...- India TV Hindi
Image Source : GETTY IMAGES एशियाई की तुलना में अश्वेत लोगों को ज्यादा करना पड़ता है नस्लवाद का सामना : मोंटी पनेसर

नई दिल्ली। भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों को यदा कदा ही नस्लवाद का सामना करना पड़ता है लेकिन इसकी तुलना अश्वेत समुदाय के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में हो रहे बर्ताव से नहीं की जा सकती।

पनेसर ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि उनके देश में अश्वेत समुदाय के साथ नस्लवाद खत्म होना चाहिये और अधिकारियों को पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म करना चाहिये। उन्होंने कहा ,‘‘यदि कोई यहां काला रंग चढी खिड़कियों वाली कार चलाता है और वह अश्वेत है तो पुलिस उसकी कार जरूर रोकेगी। यहां अश्वेत लोग रोज पुलिस के खौफ के साये में जीते हैं ।’’

इंग्लैंड के लिये 50 टेस्ट में 167 विकेट ले चुके पनेसर ने कहा,‘‘यह मेरे अश्वेत दोस्त बताते हैं। वे सुपरमार्केट जाते हैं तो लोगों को उन पर चोरी का शक होता है। यदि मैं जेब में कुछ रख लूं तो कोई ध्यान नहीं देगा लेकिन वे कुछ नहीं करते हैं तो भी उन पर शक रहता है।’’

समूचे क्रिकेट जगत की तरह उन्हें भी वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर माइकल होल्डिंग के नस्लवाद पर दिये गए भाषण ने झकझोर दिया है। उन्होंने कहा,‘‘पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म किया जाना चाहिये। भाषणों के बाद भी कुछ किया नहीं जाता तो फिर क्या फायदा। मैने माइकल होल्डिंग जैसा दमदार भाषण किसी का नहीं देखा। और क्रिकेट के जरिये ही नस्लवाद को खत्म करने से बेहतर क्या हो सकता है।’’

पनेसर ने कहा,‘‘दक्षिण एशियाई समुदाय को यदा कदा ही सुनना पड़ता है लेकिन अश्वेतों को नियमित आधार पर यह सब सहना पड़ता है। सिख समुदाय दशकों से समाज सेवा कर रहा है और प्यार का संदेश फैला रहा है। लोग उसकी सराहना करके हमें वह प्यार लौटाते हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘ लेकिन अश्वेत समुदाय की कोई गलती नहीं होने पर भी पुलिस उन्हें दंडित करती है। अब उन पर से यह कलंक हटाना होगा। उन्हें शिक्षित करके दूसरों की तरह सफेदपोश नौकरियां दी जानी चाहिये।’’

Latest Cricket News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Cricket से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल

Advertisement

लाइव स्कोरकार्ड

Advertisement
Advertisement