गाले: भारतीय टीम श्रीलंकाई सरजमीं पर 22 साल में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतने के इरादे से कल जब यहां श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला में उतरेगी तो कप्तान विराट कोहली की पांच विशेषग्य गेंदबाजों के साथ उतरने की आक्रामक रणनीति की भी परीक्षा होगी।
महेंद्र सिंह धोनी से कोहली को सिडनी में टेस्ट टीम की जिम्मेदारी मिल गई थी और भारत ने इसके बाद बांग्लादेश में एकमात्र टेस्ट भी खेला लेकिन कप्तान के रूप मंे यह कोहली की पहली पूर्ण श्रृंखला है।
कोहली पहले ही आक्रामक कप्तानी का वादा कर चुके हैं और 20 विकेट लेने की कवायद में वह टेस्ट मैच में पांच गेंदबाजों के साथ उतरैंगे।
कोहली ने पहली बार धोनी के चोटिल होने के बाद एडिलेड में टीम की अगुआई की। भारत यह मैच 42 रन से हार गया लेकिन कोहली की कप्तानी की काफी तारीफ हुई और उन्होंने दोनों पारियों में शतक भी मारे।
बांग्लादेश में फतुल्लाह में वह पांच गेंदबाजों के साथ उतरे और टीम में दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह की वापसी भी हुई।
अगर अभ्यास मैच और अभ्यास सत्र पर गौर करें तो लगता है कि आगामी श्रृंखला में भी कोहली की यह रणनीति बरकरार रहेगी।
मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मुरली विजय पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं और ऐसे में कोहली के पास युवा लोकेश राहुल को मौका देने का आसान विकल्प होगा।
बल्लेबाजी की बात करें तो अजिंक्य रहाणे की पांचवंे स्थान पर जगह पक्की है। रोहित शर्मा, कोहली और रिद्धिमान साहा अभ्यास मैच में बिलकुल भी लय में नजर नहीं आए।
इन सभी को हालांकि खराब फार्म में कहना जल्दबाजी होगा क्योंकि ये लंबे ब्रेक के बाद खेल रहे हैं।
क्या कोहली ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन दोहरा पाएंगे, देखें अगली स्लाइड