न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स को इस फॉर्मेट को ज्यादा से ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए, खासकर उन देशों में जहां टेस्ट क्रिकेट को बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। मुंबई में आयोजित सीएट क्रिकेट रेटिंग अवॉर्ड्स के दौरान विलियमसन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि इस फॉर्मेट में नई जान कैसे फूंकी जाए, खासकर उन देशों में जहां यह सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। टू टियर सिस्टम की सबसे बड़ी चिंता यह है कि निचले स्तर की टीमें खुद को सुधारकर शीर्ष स्तर तक कैसे पहुंचेंगी।
उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट का भविष्य बचाने के लिए जल्द समाधान निकालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को सभी खेलने वाले देशों की ओर से ज्यादा महत्व मिलना चाहिए और इसके विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन दिए जाने चाहिए। वह टेस्ट क्रिकेट के बड़े समर्थक हैं और चाहते हैं कि यह फॉर्मेट और ज्यादा फले-फूले।
दो मैचों की सीरीज पर आपत्ति
विलियमसन ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इतने छोटे फॉर्मेट में टीमों को खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि दो मैचों की टेस्ट सीरीज सही हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए ऐसी कई सीरीज खेली हैं और हमेशा चाहते हैं कि सीरीज लंबी हो। लेकिन व्यावसायिक चुनौतियों के कारण कई बोर्ड तीन या चार टेस्ट मैचों की सीरीज आयोजित नहीं कर पाते।
उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट चैंपियनशिप ने खेल में सार्थकता लाई है क्योंकि इससे अब हर मैच का नतीजा मायने रखता है। केन ने कहा कि भले ही कुछ बदलाव की जरूरत है, लेकिन आज का इंटरनेशनल कैलेंडर बहुत व्यस्त है। इंटरनेशनल और फ्रेंचाइजी क्रिकेट दोनों के बीच टकराव होता है, जिससे खिलाड़ियों के लिए प्राथमिकताएं तय करना मुश्किल हो जाता है।”
कप्तानी छोड़ने के बाद भी खेलने को तैयार
35 साल के विलियमसन ने न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट छोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे अब भी इंटरनेशनल लेवल पर खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अब भी उन्हें खेल से उतना ही प्यार है। न्यूजीलैंड के लिए हर मैच खेलना उनके लिए गर्व की बात है। वह अब टीम का हिस्सा बनकर योगदान देना चाहता हैं और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना चाहता हैं।
भारत में क्लीन स्वीप को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि
विलियमसन ने न्यूजीलैंड की उस 3-0 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत को टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया, जिसमें वे चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। यह भारत की धरती पर पहली बार हुआ था जब किसी टीम ने उन्हें तीन या अधिक टेस्ट की सीरीज में क्लीन स्वीप किया। उन्होंने कहा कि भारत में तीन टेस्ट मैचों की वह सीरीज हमारी टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी उपलब्धि है। भारत में जीतना हमेशा मुश्किल होता है, और उस सीरीज में टीम ने जो किया वह असाधारण था। यह न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।
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