पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड किसी सर्कस से कम नहीं है। अपने अजीबोगरीब फैसले के चलते पीसीबी लगातार सुर्खियों में रहता है। इस बार भी पीसीबी ने कुछ ऐसा फैसला लिया है, जिससे वहां के घरेलू क्रिकेट ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। इसके अलावा पीसीबी ने साल 2024 में शुरू हुए एक अहम टूर्नामेंट को बंद करने का फैसला लिया है। पीसीबी ने घरेलू क्रिकेट के अपने सबसे सफल फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट कायदे-आजम ट्रॉफी में टीमों की संख्या को काफी कम कर दिया है, जिसमें इस खिताब को सबसे ज्यादा बार जीतने वाली टीमें ही अब टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
कायदे-आजम ट्रॉफी में 18 की जगह सिर्फ 8 टीमें लेंगी हिस्सा
पीसीबी ने कायदे-आजम ट्रॉफी में टीमों की संख्या को घटाने का फैसला लिया है, जिसमें उन्होंने 18 से सीधे 8 टीमें कर दी हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले में जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाली चीज है वह ये कि अब तक इस ट्रॉफी को सबसे ज्यादा बार जीतने वाली कराची की दो टीमें कराची व्हाइट्स और कराची ब्लूज ही बाहर हो गई हैं। इन दोनों ही टीमों ने मिलकर अब तक कुल 21 बार कायदे-आजम ट्रॉफी को जीता है।
अब ये दोनों टीमें गैर-प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट हनीफ मोहम्मद ट्रॉफी में खेलेंगी जिसमें उनके अलावा 10 और टीमें भी हिस्सा लेंगी और इसमें टॉप-2 पर रहने वाली टीमों को कायदे-आजम ट्रॉफी में खेलने का मौका मिलेगा, जिसमें पहले से 6 टीमें इस्लामाबाद, सियालकोट, बहावलपुर, लाहौर रीजन व्हाइट्स, पेशावर और एबटाबाद की टीमों को सीधे एंट्री मिली है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 22 सितंबर से होगी जिसमें फाइनल मुकाबला 3 से 7 नवंबर तक खेला जाएगा।
चैंपियंस कप को बंद करने का लिया फैसला
साल 2024 में भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट में बड़े बदलाव किए थे, जिसमें उन्होंने चैंपियंस कप की शुरुआत की थी। इसमें पाकिस्तान टीम के कई पूर्व और मौजूदा प्लेयर्स को बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी, ताकि युवा प्लेयर्स को उनसे सीखने का मौका मिल सके। हालांकि अब अचानक पीसीबी ने सिर्फ एक सीजन के बाद ही इस टूर्नामेंट को बंद करने का फैसला लिया है।
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