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बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप: भारत के सामने होंगी कड़ी चुनौतियां

 Written By: IANS
 Published : Aug 10, 2015 09:16 am IST,  Updated : Aug 10, 2015 09:26 am IST

जकार्ता: इंडोनेशिया में सोमवार से शुरू हो रही बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में भारत ने 18 सदस्यीय दल भेजा है। भारतीय खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। बैडमिंटन विश्व चैम्पिनशिप

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बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप: भारत के सामने होंगी कड़ी चुनौतियां

जकार्ता: इंडोनेशिया में सोमवार से शुरू हो रही बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में भारत ने 18 सदस्यीय दल भेजा है। भारतीय खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। बैडमिंटन विश्व चैम्पिनशिप 10 से 16 अगस्त के बीच जकार्ता के इस्तोरा सेनायम स्टेडियम में खेली जाएगी।

इस बार भी भारत को सायना नेहवाल और पी. वी. सिंधू से पदक की सर्वाधिक उम्मीद रहेगी।

ओलम्पिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना का यह छठा विश्व चैम्पियनशिप होगा, हालांकि सायना इससे पहले कभी भी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाईं।

सायना को विश्व चैम्पियनशिप में दूसरी वरीयता दी गई है और उन्हें पहले राउंड में बाई मिला है। अंतिम-8 चरण तक सायना के लिए मुकाबले कठिन नहीं होंगे, हालांकि अंतिम-8 चरण में उन्हें पूर्व विश्व चैम्पियन चीन की यिहान वांग का सामना करना पड़ सकता है।

यिहान और सायना के बीच जीत-हार का आंकड़ा 9-2 का है। अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहीं सायना ने हालांकि इसी वर्ष मार्च में हुए ऑल इंग्लैंड ओपन में यिहान को मात देने में सफल रही थीं।

भारत की दूसरे नंबर की महिला खिलाड़ी पी. वी. सिंधू महिला एकल वर्ग में भारत के लिए पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं। हालांकि उनके लिए यह वर्ष अब तक अच्छा नहीं रहा है और मानसिक तनाव के कारण वह पिछले चार महीने से सर्किट से बाहर हैं।

दो बार कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधू को विश्व चैम्पियनशिप में 11वीं वरीयता मिली है। पहले राउंड में बाई पाने वाली सिंधू के लिए तीसरे दौर तक का सफर तो आसान लग रहा है, लेकिन तीसरे दौर में उन्हें मौजूदा ओलम्पिक चैम्पियन चीन की ली ज्यूरुई की चुनौती झेलनी पड़ सकती है।

सिंधू ने हालांकि पिछले दो-तीन वर्षो में जिस तरह चीनी दिग्गज खिलाड़ियों को मात दी है, वह विश्व चैम्पियनशिप में उन्हें खिताब की प्रबल दावेदार बनाती है।

एकल वर्ग में इस बार भारत को पुरुष वर्ग में किदांबी श्रीकांत से भी पदक की काफी उम्मीदें हैं। तीसरी विश्व वरीयता प्राप्त श्रीकांत आस्ट्रेलिया के माइकल फेरीमान के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे।

श्रीकांत पिछले दो वर्ष से शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और विश्व चैम्पियनशिप में अगर वह पदक जीतने में सफल रहते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान कायम होगी।

राष्ट्रमंडल खेलों के मौजूदा चैम्पियन पारुपल्ली कश्यप को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है। वह नीदरलैंड्स के एरिक मिज्स के खिलाफ पहले दौर में उतरेंगे। लेकिन उसके बाद उनकी चुनौती बढ़ जाएगी। ऐसे में कश्यप को यदि पदक जीतना है तो उन्हें अपने खेल में सुधार लाना होगा।

श्रीकांत, कश्यप के अलावा पुरुष एकल वर्ग में एच. एस. प्रनॉय भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

महिला युगल वर्ग में भारत को एकमात्र पदक (कांस्य) दिलाने वाली ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की शीर्ष भारतीय जोड़ी ने हाल ही में उत्तरी अमेरिका में खिताबी जीत हासिल करने खुद से अपेक्षाएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं।

ज्वाला-अश्विनी की जोड़ी अमेरिकी ओपन में फाइनल तक पहुंचने में सफल रही और इसके बाद कनाडा ओपन खिताब जीता।

विश्व चैम्पियनशिप में ज्वाला-अश्विनी के पास रियो ओलम्पिक-2016 के लिए क्वालीफाई करने का मौका भी होगा।

महिला युगल वर्ग में ज्वाला-अश्विनी के अलावा प्रादन्या गडरे-एन. सिक्की रेड्डी और मोहिता सहदेव-धन्या नायर की जोड़ियां भी हिस्सा लेंगी।

वहीं पुरुष युगल वर्ग में अक्षय देवाल्कर-प्रणव चोपड़ा और मनु अत्री-बी. सुमीत रेड्डी की जोड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना-सिक्की रड्डी और अपर्णा बालन-अरुण विष्णु की जोड़ियां हिस्सा लेंगी।

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