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अब नहीं आएंगे फर्जी कॉल? DoT का टेलीकॉम कंपनियों को नया आदेश

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jan 16, 2025 02:34 pm IST,  Updated : Jan 16, 2025 02:34 pm IST

DoT ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स Jio, Airtel, BSNL और Vi को जल्द से जल्द CNAP रोल आउट करने का निर्देश दिया है ताकि यूजर्स के फोन पर आने वाले फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाया जा सके। टेलीकॉम कंपनियां पिछले साल से CNAP का ट्रायल कर रही है।

DoT, CNAP- India TV Hindi
फर्जी कॉल्स पर लगेगा लगाम Image Source : FILE

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों Airtel, BSNL, Jio और Vodafone Idea को जल्द CNAP सर्विस को रोल आउट करने का आदेश दिया है। टेलीकॉम कंपनियां पिछले साल से कॉलर आईडी नेम प्रजेंटेशन यानी CNAP फीचर को टेस्ट कर रही है। इस फीचर के आने के बाद से फोन पर आने वाले हर कॉलर की पहचान आसानी से की जा सकती है। दूरसंचार विभाग ने लोगों के नंबरो पर आने वाले फर्जी कॉल्स से निजात दिलाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को इसे जल्द लागू करने के लिए कहा है।

जल्द हो रोल आउट

ET टेलीकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह टेलीकॉम ऑपरेटर्स के साथ हुई मीटिंग में दूरसंचार विभाग ने कहा कि इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल किया जा रहा है। यह टेक्नोलॉजी स्मार्टफोन यूजर्स के लिए काम करेगा। 2G फीचर फोन यूजर्स को इस फीचर का फायदा नहीं मिलेगा। CNAP के लागू होने के बाद मोबाइल यूजर के फोन पर आने वाले इनकमिंग कॉल में कॉलर का नाम दिखाई देगा। इसमें कॉलर का वही नाम दिखेगा, जिसके नाम पर सिम कार्ड जारी किया गया है। ऐसे में स्कैमर्स यूजर्स को फर्जी कॉल नहीं कर पाएंगे।

PMO का आदेश

पिछले दिनों PMO यानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी देशभर के मोबाइल यूजर्स के हितों में ध्यान रखते हुए दूरसंचार विभाग को निर्देश दिया है कि बिना आधार बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के नए सिम कार्ड नहीं बेचे जाएं। ऐसा करने से फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए सिम कार्ड जारी नहीं किया जा सकेगा और लोगों के साथ होने वाले फ्रॉड पर लगाम लगाया जा सकेगा।

क्या है CNAP?

CNAP एक सप्लिमेंटरी सर्विस है, जो कॉलर के नाम को फोन की स्क्रीन पर प्रदर्शित करती है। इस समय थर्ड पार्टी ऐप्स जैसे कि Truecaller और Bharat Caller ID & Anti Spam भी कॉलिंग पार्टी नेम आइडेंटिफिकेशन (CPNI) सुविधा प्रदान करते हैं। थर्ड पार्टी ऐप्स की यह सर्विस क्राउड सोर्सड डेटा पर आधारित होता है, जो कि भरोसेमंद नहीं है। ट्राई ने CNAP द्वारा पिछले साल की गई सिफारिशें यूजर के KYC डॉक्यूमेंट में दर्ज नाम के आधार पर की हैं, ताकि सही कॉलर की पहचान हो सके। यह फीचर यूजर द्वारा सिम कार्ड खरीदते समय दिए गए KYC रजिस्ट्रेशन डेटा के आधार पर कॉलर का नाम डिस्प्ले करेगा। इस तरह से यूजर को कॉलर का नाम फोन के डिस्प्ले में दिखाई देगा।

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