LED TV की कीमत में इजाफा हो सकता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मानें तो AI की वजह से स्मार्ट टीवी इंडस्ट्री पर बड़ा असर हो रहा है। सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, LED टीवी बनाने वाली कंपनियों के पास इन दिनों फ्लैश मेमोरी चिप की शॉर्टेज है, जिसकी वजह से सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा है। LED टीवी बनाने वाली कंपनियों को पहले के मुकाबले 50% तक महंगी कीमत में फ्लैश मेमोरी कार्ड खरीदना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर ओवरऑल कॉस्ट को बढ़ा रहा है।
दुर्गा पूजा से पहले सरकार द्वारा GST में कटौती की वजह से LED TV की कीमत कम हुई थी। LED TV के डिस्प्ले पर सरकार ने GST कम किया था, जिसका असर ओवरऑल कॉस्ट पर पड़ा था। कई ब्रांड्स ने अपने स्मार्ट टीवी की कीमतें कम कर दी थी। बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिप बनाने वाली कंपनियां इन दिनों AI की बढ़ती डिमांड की वजह से डेटा सेंटर्स के लिए चिप बना रही हैं। इसकी वजह से मेमोरी सेट्स की मैन्युफैक्चरिंग कम हो गई है। इसका सीधा असर LED TV के जरूरी कंपोनेंट्स में से एक मेमोरी कार्ड की सप्लाई पर पड़ा है।
AI बना मुसीबत
एक्सपर्ट्स की मानें तो मेमोरी कार्ड बनाने वाली कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई डेटा सेंटर के लिए चिप बना रही है। एलईडी टीवी में लगने वाले मेमोरी सेट की सप्लाई कम हो गई है, जिसकी वजह से कंपनियों को मेमोरी सेट्स के लिए 50% तक ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। टीवी बनाने वाली कंपनियां फिलहाल इस बात का मूल्यांकन कर रही हैं कि मेमोरी कार्ड की वजह से टीवी बनाने का ओवरऑल कॉस्ट कितना बढ़ेगा। इसके बाद टीवी की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया जा सकता है।
LED TV में लगते हैं ये मेमोरी सेट्स
आपके घरों में लगे स्मार्ट टीवी समेत कई कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स डिावाइसेज में DDR3 और DDR4 मेमोरी सेट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन मेमोरी कार्ड की जगह AI वाले चिप की डिमांड बढ़ गई है, जिसकी वजह से कंपनियां एआई वाले चिप पर फोकस कर रही हैं। इसकी वजह से DDR3 और DDR4 मेमोरी सेट्स की मैन्युफैक्चरिंग लगातार कम हो रही हैं। Thomson TV बनाने वाली कंपनी SPPL के CEO अवनीत सिंह मारवाह ने बताया कि इसकी वजह से कंपनियों को मेमोरी सेट्स के लिए 50 प्रतिशत तक ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
चीन पर निर्भरता
ज्यादातर कंपनियां फ्लैश मेमोरी सेट्स के लिए चीन पर निर्भर हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेज जैसे कि स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी आदि में लगने वाले ये चिप चीन से इंपोर्ट किए जाते हैं। चीनी मीडिया के रिपोर्ट्स की मानें तो मेमोरी कार्ड मैन्युफैक्चरर्स ने मेमोरी कार्ड के शॉर्टेज के बारे में संकेत दिए हैं। इसकी वजह से ज्यादातर कंपनियों ने 2026 के लिए मेमोरी कार्ड सुरक्षित करने का फैसला किया है। ये सप्लाई चेन में बड़ी दिक्कत पैदा कर सकता है। OEM यानी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि सप्लाई चेन की ये दिक्कत एक साल या इससे ज्यादा तक हो सकती है। ऐसे में महीने-दर-महीने मेमोरी कार्ड की कीमत में हो रहे इजाफे पर नजर रखी जा रही है।
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