म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों की अनुशासित और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण की बढ़ती रुचि के चलते साल 2025 में SIP के माध्यम से कुल ₹3.34 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की जानकारी दी। इसका मुख्य कारण निश्चित आय वाली योजनाओं से भारी मात्रा में निकासी थी।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मैनेज किया हुआ है।
जानकार का कहना है कि आने वाले समय में भी निवेश का अधिकांश प्रवाह लिक्विड, मनी मार्केट और हाई-क्वालिटी एक्रूअल फंड्स में केंद्रित रह सकता है।
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश छठे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश से 3,23,200 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं, बिहार इस लिस्ट में 16वें स्थान पर है।
सितंबर में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने कुल 71,114 करोड़ रुपये निकाले। जबकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने अगस्त महीने में 1.08 लाख करोड़ रुपये का विड्रॉल दर्ज किया था।
एसआईपी में आए रिकॉर्ड निवेश की बदौलत जुलाई में म्यूचुअल फंड्स का कुल AUM भी 6 प्रतिशत बढ़कर 64.69 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो जून में 60.89 लाख करोड़ रुपये था।
एम्फी ने सोमवार को जारी आंकड़ो में बताया कि यह इक्विटी फंड में शुद्ध निवेश का लगातार 39वां महीना है। इसके अलावा, व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) से मासिक योगदान बढ़कर मई में 20,904 करोड़ रुपये हो गया, जो अप्रैल में 20,371 करोड़ रुपये था।
JIO Financial को AMFI की ओर से लार्जकैप में शामिल किया गया है। आज शेयर करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ है।
इक्विटी योजनाओं में जून में शुद्ध रूप से 5,988 करोड़ रुपये, मई में 10,083 करोड़ रुपये, अप्रैल में 3,437 करोड़ रुपये और मार्च में 9,115 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
अगस्त में म्यूचुअल फंड योजनाओं में से निवेशकों ने कुल 14,553 करोड़ रुपये निकालें है। जबकि जुलाई में निवेशकों ने म्यूचुअल फंड की स्कीम में कुल 89,813 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि जुलाई और अगस्त में इक्विटी या उससे जुड़ी योजनाओं से निवेशकों ने लगातार पैसे निकाल हैं।
फ्रेंकलिन टेम्पलटन MF ने छह डेट स्कीम को बंद करने का फैसला लिया है।
पिछले 15 महीने में SIP से हर महीने 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश
रिटायरमेंट पर आधारित म्यूचुअल फंड्स स्कीम के एसेट अंडर मैनेजमेंट 25% बढ़े हैं
निवेशकों ने इस वित्त वर्ष में अप्रैल-जून के दौरान म्यूचुअल फंड योजनाओं में 1.4 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के निवेश से 43 प्रतिशत अधिक है।
निवेशकों ने अप्रैल महीने में म्यूचुअल फंड योजनाओं में 1.4 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। इससे म्यूचुअल फंड कंपनियों के प्रबंधन के तहत प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (AUM) बढ़कर 23.25 करोड़ रुपए पर पहुंच गयी, जो कि पिछले महीने से 9 प्रतिशत अधिक है।
म्यूचुअल फंड से मार्च महीने में निवेशकों ने 50,000 करोड़ रुपए की निकासी की। एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार लिक्विड और डेट फंडों से माह के दौरान बड़ी राशि निकाली गई।
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से निवेशकों का बाहर निकलना जारी है। वित्त वर्ष 2017-18 में निवेशकों ने Gold ETF से 835 करोड़ रुपए और निकाले। इस तरह यह लगातार पांचवां वित्त वर्ष रहा जबकि Gold ETF में कुल मिला कर निवेश से ज्यादा निकासी हुई है।
खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंडों में निवेश के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) को तरजीह दे रहे हैं। इसी वजह से दिसंबर, 2017 में म्यूचुअल फंडों ने 6,200 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए हैं।
निवेशकों ने अक्टूबर महीने में म्यूचुअल फंड योजनाओं में 51,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
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