देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।
दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में चीन शीर्ष पर है। इसके बाद क्रमश: जापान और स्विट्जरलैंड का स्थान है।
लगातार दो सप्ताह तक गिरावट के बाद देश का स्वर्ण भंडार 12 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 1.26 अरब डॉलर बढ़कर 36.227 अरब डॉलर का हो गया।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 29 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 4.85 अरब अमरीकी डॉलर बढ़कर 590.18 अरब डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा यानि डॉलर का सबसे ज्यादा खर्च कच्चे तेल तथा सोने के आयात पर खर्च होता है लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी निचले स्तर पर रही हैं और विदेशों से कच्चा तेल आयात करने के लिए पहले के मुकाबले कम डॉलर का खर्च आ रहा है।
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 18.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 560.715 अरब डालर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को इसके आंकड़े जारी किए।
23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भंडार 5.41 अरब डॉलर बढ़कर 560.53 अरब डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हफ्ते के दौरान एफसीए 5.20 अरब डॉलर बढ़कर 517.52 अरब डॉलर हो गयीं। इस वित्त वर्ष में अब तक रिजर्व में 80 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़त रही है।
अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 84.1 करोड़ डॉलर घटकर 497.52 अरब डॉलर रह गई। भंडार ने इसी साल 5 जून को 500 अरब डॉलर के अहम स्तर को पार किया था, जिसके बाद वो लगातार इस स्तर के ऊपर ही बना हुआ है।
दिन के कारोबार के दौरान रुपये ने डॉलर के मुकाबले 73.64 के ऊपरी स्तर को छुआ वहीं गिरावट के साथ रुपया 73.78 के निचले स्तर तक भी पहुंच गया। वहीं डॉलर इंडेक्स 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93.15 के स्तर पर पहुंच गया
सप्ताह के अंत में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) 26.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 498.36 अरब डॉलर पर पहुंच गईं। आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 32.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.52 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 3.623 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी और यह 538.191 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा भंडार 5 जून को पहली बार 500 अरब डॉलर के स्तर के पार पहुंचा था
पांच जून को समाप्त सप्ताह में पहली बार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के स्तर से ऊपर गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020-21 के दौरान रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में 45 अरब डॉलर का हस्तक्षेप कर सकता है, जिसमें से रिजर्व बैंक 25.5 अरब डॉलर का अब तक पहले ही कर चुका है।
विदेशी मुद्रा भंडार 17 महीने की आयात जरूरतों को पूरा करने में सक्षम
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 493 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा
समीक्षाधीन अवधि के दौरान देश का स्वर्ण भंडार 12.7 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 32.779 अरब डॉलर रह गया।
समीक्षावधि में देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिला विशेष आहरण अधिकार 20 लाख डॉलर बढ़कर 1.42 अरब डॉलर हो गया।
वर्ष 2020-21 के दौरान देश का विदेशीमुद्रा भंडार करीब 62 अरब डॉलर बढ़ा
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