बेंगलुरू में प्रीमियम अपार्टमेंट बनाने के लिए, बीडीए ने 3 नए प्रोजेक्ट्स लिए 2 प्राइवेट कंपनियों- होम्बले कंस्ट्रक्शन एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और रामलिंगम कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है।
इंडस्ट्री के जानकार का कहना है कि बड़े भारतीय शहरों में नए लॉन्च प्रोजेक्ट्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी मजबूत एंड यूजर डिमांड, स्थिर निवेशक विश्वास और बढ़ती निर्माण लागत को दर्शाती है।
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने बताया कि कंपनी ने प्रॉपर्टी की जबरदस्त डिमांड के बीच 12.3 लाख वर्ग फुट वाले इस प्रोजेक्ट में कुल 1398 हाउसिंग प्रॉपर्टी बेची हैं। गोदरेज एवरग्रीन स्क्वायर में 24.1 लाख वर्ग फुट की डेवलपमेंट योग्य क्षमता है, जिसका अनुमानित राजस्व क्षमता करीब 2045 करोड़ रुपये है।
कंपनी ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के लिए फ्लैट की कीमत सिर्फ 5.35 लाख रुपये होगी जबकि निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बने फ्लैट की कीमत 12.58 लाख रुपये से शुरू होगी। ये प्रोजेक्ट गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में 40 एकड़ में फैली प्रतीक ग्रैंड सिटी टाउनशिप का हिस्सा है।
वेव सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने कहा, ‘‘ हम 70 लाख वर्ग फुट एरिया में 8000 से 9000 फ्लैट बनाएंगे। पिछले 12 महीने में टाउनशिप वेव सिटी में प्रीमियम फ्लैट के लिए खरीदारों की मांग तेजी से बढ़ी है।''
बोमन रुस्तम ईरानी ने कहा कि हाउसिंग मार्केट में अभी भी मजबूत डिमांड बनी हुई है। इसलिए कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में अपनी सेल्स बुकिंग में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इस उम्मीद जताते हुए कहा कि कंपनी इस आंकड़े को पार कर लेगी।
यह परियोजना गुरुग्राम के सोहना के सेक्टर-5 में स्थित है। यह प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से 20 मिनट की दूरी पर होगी।
संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक के अनुसार देश के सात शहरों में 1.4 लाख करोड़ रुपये की 1.74 लाख इकाइयों का काम पूरी तरह ठप हैं। इसमें से 66 प्रतिशत मकान दिल्ली-एनसीआर में हैं।
सरकार ने आवास परियोजनाएं पूरी करने को लेकर समयसीमा छह महीने के लिये बढ़ा दी है
सरकार का निर्देश फिलहाल बिल्डर साइट्स पर मौजूद मजदूरों की मदद पर ध्यान दें
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के 8 प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 8500 करोड़ की होगी जरूरत
अटके प्रोजेक्ट्स के 10 हजार अन्य घर खरीदारों के लिए राहत की भी तैयारी
मंत्रिमंडल ने किफायती और मध्यम आय वाले आवास क्षेत्र में रुकी हुई आवास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्राथमिकता ऋण वित्तपोषण प्रदान करने के लिए 'विशेष विंडो' की स्थापना को मंजूरी दी है।
रीयल्टी कंपनी अजनारा ग्रुप ने मंगलवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक नई हाउसिंग परियोजना को विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
मौजूदा आवंटित पूंजी का यदि पूरी तरह से इस्तेमाल होता है तो करीब 1.6 लाख इकाइयों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार इस साल अप्रैल-जून के दौरान कुल 280 परियोजनाएं शुरू की गईं। इनमें से केवल 23 परियोजनाएं इस तरह की आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत रखी गई हैं।
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने विश्वबैंक समूह के सदस्य अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) से 10 करोड़ डॉलर (लगभग 690 करोड़ रुपए) की राशि जुटायी है।
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने नोएडा में व्यावसायिक भूखंडों की सर्किल दर में 21.5 प्रतिशत कटौती करने और जिले में आवासीय परियोजनाओं पर छः प्रतिशत अधिभार समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है।
क्रेडाई ने गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर इस क्षेत्र को कर्ज की कमी के संकट से राहत दिलाने में मदद की मांग की है।
देशभर में 3.3 लाख करोड़ रुपये (47 अरब डॉलर) से अधिक की आवासीय परियोजनायें देरी से चल रही है।
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