पंजाब नेशनल बैंक ने बताया कि SEFL से जुड़े मामले में 1,240.94 करोड़ रुपये और SIFL से संबंधित 1,193.06 करोड़ रुपये की राशि को उधार धोखाधड़ी के रूप में RBI को रिपोर्ट किया गया है।
आरोप है कि अनमोल अंबानी ने अपने समूह की एक कंपनी के माध्यम से बैंक से ऋण (लोन) लिया था और बाद में ऋण चुकाने में विफल रहे, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।
अनिल अंबानी को उनकी कंपनी द्वारा कथित तौर पर लोन धोखाधड़ी मामले की चल रही जांच के संबंध में ईडी का समन मिला है। अब उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।
RBI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में सरकारी बैंकों में फ्रॉड की संख्या 6935 (29.0 प्रतिशत) और फ्रॉड की राशि 25,667 करोड़ रुपये (71.3 प्रतिशत) रही।
सुबोध कुमार गोयल को 17 मई को कोलकाता में एक विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया और अदालत ने 21 मई तक सुबोध की ईडी हिरासत मंजूर कर ली है
पंजाब नेशनल बैंक ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि ये फ्रॉड 270.57 करोड़ रुपये का है। इसमें कहा गया है कि भुवनेश्वर स्थित स्टेशन स्क्वायर ब्रांच ने कंपनी को लोन दिया था। निर्धारित मानदंडों के अनुसार, बैंक पहले ही 270.57 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुका है।
ईडी के मुताबिक इस मामले में गलत तरीके से 915.65 करोड़ रुपये की आय हुई है। प्रवर्तकों ने 15 शेल कंपनियों का गठन करने के बाद फर्जी लेनदेन किया।
बायर क्रेडिट अल्पकालीन कर्ज सुविधा है] जो विदेशी वित्तीय संस्थान द्वारा आयातक को दिया जाता है] ताकि वह खरीदे गए सामान का भुगतान कर सके।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक चायवाले पर इतनी बड़ी रकम का लोन है जिसका खुलासा तब हुआ, जब वह इसकी किश्तों को चुकाने के लिए बैंक से 50 हजार का और लोन लेने पहुंचा।
CBI ने चेन्नई की कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के खिलाफ कथित रूप से 824.15 करोड़ रुपए की ऋण धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अगुवाई में 14 बैंकों के गठजोड़ से यह ऋण लिया गया था।
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