नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश की राजधानी दिल्ली समेत इसके आसपास के सभी शहरों जैसे- गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम से जोड़ा जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अपने आशियाने का सपना देखने वालों के लिए नया साल बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) नए साल पर हजारों लोगों के सपनों को पंख देने की तैयारी में है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बनाया जा रहा है।
यह परियोजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, जो इस क्षेत्र को देश के हाई-स्पीड रेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य नोएडा एक्सटेंशन और जेवर में बन रहे नए एयरपोर्ट तक निर्बाध संपर्क स्थापित करना है।
अथॉरिटी ने कहा है कि अवैध हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के झांसे में न आएं, जो अल्पकालिक में अवास्तविक मुनाफे का वादा करते हैं। ऐसी योजनाओं में निवेश करने से बचना चाहिए, जिन्हें प्राधिकरण ने मंजूरी नहीं दी है।
गौतमबुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट ने 10 किलोमीटर के दायरे में सफाई, अपशिष्ट नियंत्रण और अवैध निर्माण के नियमन की जरूरत पर बल दिया है और जरूरी निर्देश भी दिए हैं।
अथॉरिटी ने इन प्लॉट का 29% उन लोगों के लिए रिजर्व किया है जो YEIDA क्षेत्र में स्थित परियोजनाओं में काम करते हैं, 5% रिटायर रक्षा कर्मियों के लिए रिजर्व हैं और 5% यीडा कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं।
यीडा के अधिकारी के अनुसार, हम किसानों से बात कर रहे हैं और जो इसे बेचने के इच्छुक हैं, उनसे भूमि ले रहे हैं। हमने पिछले पांच वर्षों में 5,200 एकड़ भूमि खरीदी है और भूमि खरीद जारी रहेगी।
ग्रीन कॉरिडोर के डेवलपमेंट में संगीतमय फव्वारे, बैठने की व्यवस्था, मूर्तियां और पैदल यात्री फुटपाथ के साथ थीम-आधारित भूनिर्माण शामिल होंगे। कॉरिडोर में विविध पौधों की प्रजातियों को पेश किया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट पर इस ग्रीष्मकाल में यात्रियों के लिए उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इसके बाद उत्तराखंड परिवहन निगम, नोएडा एयरपोर्ट को देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी सहित उत्तराखंड के प्रमुख स्थलों तक निर्बाध बस सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
एयरपोर्ट के मुख्य सिस्टम्स के लिए फैक्ट्री एक्सेप्टेंस टेस्ट पूरे हो गए हैं, और साइट पर उपकरण आने लगे हैं। चेक-इन कियोस्क, सेल्फ सर्विस बैग ड्रॉप्स, और ई-गेट्स का परीक्षण चल रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्माण और विकास कार्य अग्रिम चरण में है और हम परिचालन तत्परता की राह में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह एक बड़ी और जटिल परियोजना है और निर्माण गतिविधियों के अगले कुछ सप्ताह महत्वपूर्ण हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में रेस्तरां, कैफे और खान-पान से जुड़ा दूसरा टेंडर जारी कर दिया गया है। ये ठेका एचएमएसहोस्ट इंडिया दिया गया है।
देश भर के प्रमुख महानगरों के साथ-साथ टियर -2 और 3 शहरों को जोड़ने के लिए एक व्यापक एयर नेटवर्क स्थापित करने की तैयारी है। नोएडा एयरपोर्ट का पहला फेज इस साल के आखिर तक फ्लाइट ऑपरेशन के लिए खुलने वाला है।
जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम 4 चरणों में किया जाना था। जिनमें से पहले चरण में 1334 हेक्टेयर और दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ। अब, तीसरे और चौथे चरण के लिए एक साथ 2053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे में 4,000 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे होगा। एटीसी टावर 40 मीटर की ऊंचाई पर खड़ा होगा।
सरकार ने बिल्डर को तय समयसीमा यानी 29 सितंबर, 2024 तक नोएडा एयरपोर्ट के सारे काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, तय समय सीमा पार होने पर बिल्डर को प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।
आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों को एक बड़ी सौगात दी। मोदी ने आज जेवर में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। मोदी ने ये गिनाया कि ये एयरपोर्ट कैसे यूपी की तकदीर बदल देगा। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ये इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दुनिया से जोड़ेगा। उन्होंने ये भी कहा कि एयरपोर्ट बनाने का ये काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था लेकिन पहले की सरकारों ने यूपी को उसका हक नहीं लेने दिया। देखिए आज की बात रजत शर्मा के साथ।
PM मोदी ने आज नॉएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला किया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने जेवर एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट को लटकाकर रखा।
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