ईरान ने भी मांग की कि अमेरिका गारंटी दे कि वह समझौते से फिर बाहर नहीं जाएगा और उसके अर्धसैनिक बल रिवल्यूशनरी गार्ड पर आतंकवाद को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लेगा।
Nuclear Deal: ईरान के लिए अमेरिका के स्पेशल प्रतिनिधि रॉबर्ट माली चर्चा से पहले ही सोमवार रात कतर पहुंच गए। हालांकि, दूतावास ने माली की यात्रा के बारे में कोई अन्य जानकारी देने से इनकार कर दिया।
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने शुक्रवार को ईरानी परमाणु कार्यक्रम के लिए प्रतिबंधों में कुछ राहत बहाल की। ईरान और विश्व के कुछ शक्तिशाली देशों के बीच हुए 2015 के परमाणु समझौते को बचाने के उद्देश्य से जारी वार्ता के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने के बीच यह राहत प्रदान की गई है।
‘‘यदि हम वार्ता प्रक्रिया में ऐसे चरण पर पहुंचते हैं, जहां ठोस गारंटी के साथ अच्छा समझौता करने के लिए अमेरिकियों से वार्ता करने की आवश्यकता होगी, तो हम इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।’’
‘‘यदि हम वार्ता प्रक्रिया में ऐसे चरण पर पहुंचते हैं, जहां अच्छी गारंटी के साथ अच्छा समझौता करने के लिए अमेरिकियों के साथ वार्ता करने की आवश्यकता होगी, तो हम इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।’’
ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने फ्रांस के अपने समकक्ष इमैनुएल मैक्रों के साथ फोन पर बातचीत के दौरान वैश्विक शक्तियों के साथ हुए तेहरान के परमाणु समझौते को पुनजीर्वित करने के लिए फिलहाल रुकी हुई वार्ताओं में ईरान के अधिकार सुरक्षित रखने में मदद करने का आग्रह किया।
रूस ने मंगलवार को कहा कि वह परमाणु आयुधों की संख्या को मौजूदा सीमा पर ही बरकरार रखने तथा दोनों देशों के बीच पिछले हथियार नियंत्रण समझौते को एक वर्ष के लिये और बढ़ाने के अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिये तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि यदि यूरोप ‘अर्थपूर्ण’ आर्थिक लाभ मुहैया कराता है तो ईरान फिर से 2015 परमाणु समझौते की ओर वापस जा सकता है।
उत्तर कोरिया के प्रमुख वार्ताकार ने कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बेनतीजा रही, वहीं वाशिंगटन का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच स्वीडन में ‘‘अच्छी बातचीत’’ हुई है।
ईरान के अधिकारियों ने दावा किया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने सीआईए के लिए जासूसी करने के मामले में 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनमें से कुछ को मौत की सज़ा दी गई है।
ईरान के नाम पर दो सुपर पावर यानी अमेरिका और रूस आमने-सामने नजर आ रहे हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि अमेरिका और ईरान के बीच विवाद क्या है? नहीं! तो चलिए हम आपको बताते हैं।
यूरोपीय देशों ने ईरान से मंगलवार को अपील की कि वह यूरेनियम संवर्धन बढ़ाने के अपने कदम से पीछे हटे।
परमाणु समझौते के अनुसार, ईरान 3.67 प्रतिशत यूरेनियम का संवर्धन कर सकता है जो परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त है। लेकिन हथियार बनाने के लिए संवर्धन 90 प्रतिशत होना चाहिए। साथ ही समझौते में कहा गया था कि ईरान 300 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम का भंडारण नहीं करेगा।
दुनिया में पिछले साल परमाणु हथियारों की संख्या में कमी आई है लेकिन देश अब अपने हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। यह जानकारी सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने गुरुवार को कहा कि उनका देश साल 2015 में विश्व के कुछ प्रमुख देशों के साथ हुए परमाणु समझौते को लेकर प्रतिबद्ध है।
अमेरिका द्वारा शुक्रवार को घोषित किए गए इस कदम ने अमेरिका की संभावित नई मिसाइलों की तैनाती को लेकर उसके सहयोगी देशों से संवेदनशील वार्ता का रास्ता तैयार कर दिया है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने मई में ईरान के साथ परमाणु समझौते से अलग होने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सोमवार पांच नवंबर को ईरान परमाणु समझौते में अमेरिकी भागीदारी समाप्त हो जाएगी।
जरीफ ने कहा कि यूरोप की सरकारों ने नवंबर में अमेरिकी प्रतिबंधों के दूसरे चरण के बाद ईरान के साथ तेल और बैंकिंग संबंध कायम करने के प्रस्ताव रखे थे।
इस साल मई में ट्रंप ने ईरान के परमाणु समझौते से बाहर निकलने की घोषणा की थी। ईरान पर प्रतिबंध फिर से लागू होने के बाद भारत जैसे देशों पर खासा प्रभाव पड़ेगा।
हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि अपने ईरानी समकक्ष से मिलने की ट्रंप की इच्छा का ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने की उनके प्रशासन की नीति पर कोई असर नहीं होगा।
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