विदर्भ अपने लिये 2017-18 सत्र को यादगार बनाने की कोशिश करेगा लेकिन रणजी चैंपियन को अपने मुख्य तेज गेंदबाज उमेश यादव के बिना उतरना होगा।
आदित्य के पिता भी क्रिकेटर रहे हैं। वह नागपुर विश्वविद्यालय और पंजाब नेशनल बैंक के लिए खेला करते थे।
कप्तान ने कहा, "रणजी ट्रॉफी जीतना आसान बात नहीं है। 11 मैच जीतना तुक्का नहीं है।''
ईरानी ट्रॉफी में शेष भारत को रणजी ट्रॉफी चैम्पियन विदर्भ से खेलना है। विदर्भ ने गुरुवार को ही सौराष्ट्र को हराकर रणजी ट्रॉफी में अपना खिताब बरकरार रखा है।
रणजी ट्रॉफी के फाइनल मैच में विदर्भ ने सौराष्ट्र को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता।
आदित्य सरवाटे के तीन विकेटों की मदद से मौजूदा चैम्पियन विदर्भ ने यहां रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच के चौथे दिन बुधवार को 58 रन के स्कोर पर सौराष्ट्र के पांच विकेट पर गिराकर अपने दूसरे खिताब की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
पुजारा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार फार्म में थे और उनके शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम ने पहली बार वहां टेस्ट श्रृंखला में जीत दर्ज की।
विदर्भ ने अपनी पहली पारी में 312 रन बनाए थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक उसने सौराष्ट्र के पांच विकेट महज 158 रनों पर चटका दिए हैं।
सौराष्ट्र के लिये टास गंवाना अच्छा साबित हुआ, जिसने विदर्भ के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज जाफर (23) और कप्तान फैज फजल (16) के विकेट सस्ते में झटकने में सफलता हासिल की।
चालीस बरस की उम्र में जाफर ने अपने बेहतरीन फार्म और बेहतर फिटनेस से इस घरेलू सत्र में अब तक 1003 रन बना लिये हैं।
विदर्भ की इस जीत में उमेश यादव की गेंदबाजी की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने केरल की दोनों पारियों में कुल 12 विकेट हासिल किए।
भारतीय तेज गेंदबाज उमेश ने 23 रन देकर पांच और बायें हाथ के स्पिनर सरवटे ने 55 रन देकर पांच विकेट लिये और उत्तराखंड को 159 रन पर ढेर कर दिया।
रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल के दूसरे दिन बुधवार को उत्तराखंड के पहली पारी के 355 रन के जवाब में एक विकेट पर 260 रन बना लिये।
अपना पहला फर्स्ट क्लास मैच खेल रहे अवनीश सुधा सिर्फ 9 रन से शतक से चूक गये।
मुंबई को नाकआउट में जगह बनाने की उम्मीदों को जीवंत रखने के लिये ग्रुप ए के इस मैच में जीत की दरकार थी लेकिन उसका लचर प्रदर्शन जारी रहा।
दिल्ली ने रणजी ट्रॉफ़ी फ़ाइनल में खेल को किया शर्मसार. विदर्भ का बल्लेबाज़ बाउंसर लगने से तड़पता रहा लेकिन दिल्ली के खिलाड़ियों ने मुंह फेर लिया.
कमजोर माने जाने वाले खिलाड़ियों के साथ सबसे प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट को जीतना छोटी उपलब्धि नहीं है लेकिन विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित इतने आश्वस्त थे कि वह इस उपलब्धि के लिए मिलने वाले पुरस्कार को लेकर पूछताछ करने लगे थे।
दो महीने कए अंदर 40 बरस के होने वाले वसीम जाफर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इतना कुछ हासिल कर चुके हैं जो अधिकांश खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाते लेकिन इसके बावजूद बल्लेबाजी क्रीज पर वह दुनिया में सबसे अधिक सहज और शांति महसूस करते हैं।
रजनीश गुरबानी ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ शानदार हैट्रिक ली।
नितिन गडकरी ने कहा कि प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त विदर्भ क्षेत्र में 400 करोड़ रुपए की परियोजना को स्थापित करने को इच्छुक है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़