ईरान और इजरायल के बीच अब जंग तेज हो गई है। ईरान ने सीजफायर से इनकार कर दिया है और इसके बाद इजरायल ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। तेल अवीव में लगातार गूंज रहा सायरन, जानें लेटेस्ट अपडेट्स
ईरान ने शुक्रवार की रात इजरायल के तेल अवीव सहित कई इलाकों में मिसाइल अटैक किया था। अब इजरायल ने शनिवार की रात ईरान के कई ठिकाने तबाह किए हैं। 10 प्वाइंट्स में जानें कितना नुकसान हुआ है?
इजरायल पर ईरान के हमले ने तीसरे विश्व युद्ध का खतरा और बढ़ा दिया है। अब इसमें मध्य-पूर्व के अलावा यूरोप और एशिया के कई देशों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष एंट्री की आशंका है। ईरान के साथ ही सीरिया, लेबनान और इराक के ईरानी हमदर्दों ने भी इजरायल के सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला कर दिया है। ऐसे में इजरायल पलटवार जरूर करेगा।
सीरिया में ईरानी दूतावास पर इजरायल की एयरस्ट्राइक ने अब ईरान-इजरायल युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। यह युद्ध तीसरे विश्व युद्ध के खतरे को भी बढ़ा सकता है। इन आशंकाओं के मद्देनजर अमेरिका हाई अलर्ट पर है। उधर ईरान की धमकी के बाद इजरायल भी हवाई हमलों को लेकर अलर्ट मोड में है।
रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, पाकिस्तान-ईरान संघर्ष और चीन-ताइवान का तनाव व पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के खतरों ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को चरम पर पहुंचा दिया है। अब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी पहली बार तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लेकर आधिकारिक बयान दिया है। इससे पूरी दुनिया ही सकते में आ गई है।
इजरायल-हमास युद्ध के बीच लाल सागर में यमन के हमलों ने तीसरे विश्वयुद्ध की चिंगारी भड़का दी है। अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देश अब आतंकी हमलों का जवाब देने के लिए अपने युद्धपोतों को जवाबी कार्रवाई के लिए एक्टिव कर चुके हैं। इससे लाल सागर में उथल-पुथल मच गई है। भारत हर हालात पर निगरानी रख रहा है।
मिडिल ईस्ट में चल रहा वॉर दिनों दिन दुनिया को दो गुटों में बांटता दिख रहा है...अब तक फिलिस्तीन के हक की बात का हवाला देकर इजराइल विरोधी देश हमास के हमले को जस्टिफाई कर रहे थे...
इजरायल की सेना हमास आतंकियों का सफाया करने का खतरनाक अभियान चला चुकी है। उसके सैकड़ों टैंक गाजा के करीब हैं और ताबड़तोड़ आग के गोले बरसा रहे हैं। गाजा की गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर रही हैं।
Muqabla: हमास हमास का नारा...आतंकी क्यों इतना प्यारा ?
रूस-यूक्रेन युद्ध में परमाणु हमले के इस्तेमाल की आशंका बढ़ने के बाद अब अमेरिका ने भी परमाणु परीक्षण करने का खुला ऐलान कर दिया है। इससे पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है। क्या माना जाए कि तीसरे विश्वयुद्ध की घड़ी अब बेहद नजदीक आने वाली है, आखिर अमेरिका को क्यों अचानक परमाणु परीक्षणों की जरूरत पड़ गई।
रूस-यूक्रेन के बाद अब नाइजर और अफ्रीकी देशों के बीच भी युद्ध की चिंगारी भड़क उठी है। नाइजर के सेना जनरल ने अपने सैनिकों और देशवासियों को अफ्रीकी देशों के खिलाफ जंग के लिए तैयार रहने को कहा है। इससे तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका बढ़ गई है। अफ्रीकी देशों ने नाइजर सैन्य शासन को अपदस्थ राष्ट्रपति को बहाल करने की चेतावनी दी थी।
रूस यूक्रेन युद्ध का 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई अंत होता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में दुनिया पहले से ही तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से घबरा रही है। मगर अब विश्व के 1 बड़े नेता ने यह भविष्यवाणी कर दी है कि दुनिया को वर्ष 2024 के पहले ही तीसरा विश्व युद्ध झेलना पड़ सकता है।
सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि अमेरिका सीरिया में आतंकी कैंप चला रहा है। रूस सीरिया संबंधों के बारे में पूछे जाने पर बसर अल असद ने कहा कि पिछले कुछ साल में राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठकें हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई हैं।
यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के खुले समर्थन ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को वैश्विक स्तर पर अपना समर्थन मजबूत करने को मजबूर किया है। तेजी से बदलते वैश्विक हालात के बीच पुतिन ने शी जिनपिंग का साथ मांगा है।
अमेरिका ने चीन के जासूसी गुब्बारे को जबसे फोड़ा है, तब से दोनों देशों के बीच रिश्तों का अंदरूनी गुब्बारा भी फूट गया है। ताइवान पर तनाव के बीच दोनों देश रिश्ते को सामान्य करने की कोशिश में जुटे थे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के आरंभ होने के बाद से ही तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाओं ने पूरी दुनिया को घेर रखा है। यूक्रेन पर रूस की ओर से परमाणु हमला किए जाने को लेकर अमेरिका समेत पूरा यूरोप चिंतित है।
अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन के बाद अब पोलैंड और बेल्जियम भी सीधे यूक्रेन युद्ध में कूद गए हैं। इससे जंग लगातार भीषण से भीषणतम की ओर बढ़ती जा रही है। जबकि इस महीने रूस लगभग यूक्रेन पर हावी हो चुका था। रूसी आक्रमण के आगे यूक्रेनी सेनाएं पस्त हो रही थीं।
Global Leader India: इन दिनों पूरी दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की आहट महसूस होने लगी है। रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्मीनिया-अजर बैजान युद्ध, चीन-ताइवान का तनाव, अमेरिका-चीन के बीच तनाव, भारत-चीन में तनाव, रूस-अमेरिका का तनाव, भारत पाकिस्तान का तनाव, ईरान-ईराक का तनाव, उत्तर कोरिया-अमेरिका का तनाव इत्यादि तमाम उदाहरण हैं।
रूस और यूक्रेन की लड़ाई पर बहुत बड़ी ख़बर है। और बहुत तनाव वाली ख़बर है।यूरोपियन मीडिया ने दावा किया है कि अब से थोड़ी देर पहले रूसी बॉम्बर एयरक्राफ्ट पोलैंड के एयरस्पेस में दाखिल हुआ है। जो बायडेन कुछ घंटों बाद पोलैंड पहुंचने वाले हैं। उससे पहले रूस अगर NATO के सदस्य देश पर हमला करता है तो सिचुएशन बिगड़ जाएगी। फिर ये बात वर्ल्ड वॉर तक जा सकती है।
ईरान और अमेरिका में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद दुनिया के बाजारों ने राहत की सांस ली है। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हरे निशान के साथ खुला।
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