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भ्रष्टाचार की एक और नई कहानी! टेस्टिंग के अगले दिन फटी जल जीवन मिशन की टंकी, गिरने लगा पानी

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1 Published : Feb 16, 2026 11:06 am IST, Updated : Feb 16, 2026 11:06 am IST

उत्तर प्रदेश के महोबा में नवनिर्मित पानी टंकी टेस्टिंग के अगले दिन ही फट गई और पूरा पानी नीचे गिरने लगा। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

water tank- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT पानी की टंकी फटी

महोबा:  उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन के तहत बनाए जा रहे विकास कार्यों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विकासखण्ड जैतपुर के नगारा डांग गांव में नवनिर्मित पानी की टंकी टेस्टिंग के महज एक दिन बाद ही फट गई। टंकी के फटते ही घटिया निर्माण और संभावित भ्रष्टाचार की पोल खुलकर सामने आ गई।

पानी का दबाव नहीं झेल सकी पानी टंकी

बताया जा रहा है कि हाल ही में इस टंकी की टेस्टिंग की गई थी, लेकिन गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि पानी का दबाव तक नहीं झेल सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और भ्रष्टाचार के कारण घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ। 

Water Tank

Image Source : REPORTER INPUT
नवनिर्मित पानी टंकी से पानी का रिसाव

निर्माण की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल

दरअसल, ग्राम नगाराडांग में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2025 में वाटर टैंक का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद 13 फरवरी को टेस्टिंग के लिए टंकी में पाइप लाइन से पानी भरा गया। लेकिन अगले ही दिन टंकी से पानी लीक होने लगा। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। 

गौरतलब है कि पिछले महीने 30 जनवरी को जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विधायक ने जल शक्ति मंत्री का घेराव भी किया था। जल शक्ति मंत्री ने 30 दिन के अंदर नमामि गंगे योजना के तहत सभ गांवों में जल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। 

अखिलेश यादव ने भी कसा तंज

Akhilesh yadav

Image Source : X@YADAVAKHILESH
अखिलेश यादव की पोस्ट

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “भ्रष्टाचार का बोझ पानी की टंकी तक नहीं उठा पाई। अब सवाल यह उठता है कि करोड़ों की योजनाओं में आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या जांच होगी? और क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? फिलहाल इस घटना के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट-शांतनु सोनी, महोबा

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