चमकती नमो भारत, साफ-सुथरे स्टेशन, मैकेनाइज्ड आधुनिक मशीनों से रात 10 से सुबह 6 बजे तक होता है काम
चमकती नमो भारत, साफ-सुथरे स्टेशन, मैकेनाइज्ड आधुनिक मशीनों से रात 10 से सुबह 6 बजे तक होता है काम
Edited By: Khushbu Rawal@khushburawal2
Published : Apr 23, 2024 09:05 am IST,
Updated : Apr 23, 2024 09:05 am IST
अक्टूबर 2023 में नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था, जो फिलहाल साहिबाबाद से मोदीनगर नॉर्थ के 34 किलोमीटर सेक्शन पर यात्रियों के लिए चल रही है। दिल्ली से मेरठ के 82 किलोमीटर लंबे सम्पूर्ण कॉरिडोर को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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नमो भारत ट्रेन
नमो भारत ट्रेन सही समय पर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाए साथ ही स्वच्छता को लेकर भी NCRTC पूरा ध्यान रख रही है। देश की पहली नमो भारत ट्रेन और RRTS स्टेशन साफ-सुथरे और चमकते रहें, इसे NCRTC प्रतिदिन सुनिश्चित करता है।
हर दिन की शुरुआत से पहले ही सुनिश्चित किया जाता है कि नमो भारत ट्रेन स्वच्छ और तकनीकी रूप से एकदम फिट हों। साथ ही आरआरटीएस स्टेशन को भी हर सुबह यात्रियों के आने से पहले ही साफ-सफाई कर तैयार कर लिया जाता है। नमो भारत ट्रेन का आंतरिक रखरखाव और साफ-सफाई का कार्य फिलहाल आरआरटीएस डिपो, दुहाई पर किया जाता है। सफाई कार्य में मैकेनाइज्ड आधुनिक मशीनों का पूरा इस्तेमाल होता है। इतना ही नहीं, जहां जरूरत होती है वहां मैन्युल तौर पर भी कर्मी सफाई करते हैं।
हर रोज यात्री सेवा समाप्त होने के बाद जब ट्रेन डिपो आती है तो उसकी सफाई होती है। ट्रेन को अंदर से पूरी तरह साफ किया जाता है। यह सिलसिला रात 10 से शुरू होकर सुबह 6 बजे तक चलता है। ट्रेन के अंदर और बाहर ना केवल सुरक्षा को लेकर, बल्कि साफ-सफाई को लेकर भी निगरानी रखी जाती है। इसके लिए सीसीटीवी की मदद ली जाती है। बड़ी बात ये भी है कि यात्री स्वच्छता को लेकर जागरुक देखने को मिल रहे हैं और वे गंदगी फैलाने पर सहयात्रियों को टोकते भी हैं।
नमो भारत ट्रेन की हर तीसरे दिन बाहरी सफाई आरआरटीएस डिपो, दुहाई के ट्रेन ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट में की जाती है। इस प्रक्रिया में वॉशिंग प्लांट में ब्रश, पानी और सोप की मदद से ट्रेन के बाहरी हिस्से को साफ किया जाता है। इतना ही नहीं, हर महीने ट्रेन की डीप-क्लीनिंग भी होती है, जहां उसे आंतरिक सफाई शेड (आईएचसीएस) पर लाया जाता है। इस दौरान ट्रेन को पूरी तरह जांचा-परखा जाता है। यदि उसमें कोई समस्या होती है तो उसे दुरुस्त किया जाता है, चाहे वो तकनीकी हो या कोई और।
इसके साथ ही ट्रेन को अंदरूनी और बाहरी तौर पर अच्छे तरीके से धोया जाता है और पॉलिश आदि भी की जाती है। नमो भारत आरआरटीएस के हर स्टेशन पर सफाई के लिए फिलहाल 12-15 सफाईकर्मियों को तैनात किया गया है। हर रात ट्रेन सेवा समाप्त होते ही स्टेशनों पर सफाई का कार्य आरंभ हो जाता है जो रात भर चलता है। इसके अंतर्गत पूरे प्लेटफॉर्म और कॉनकोर्स लेवल की सफाई मशीनों से की जाती है। साथ ही फर्श की मॉपिंग की जाती है। यह क्रम हर रोज दिनभर में कई बार होता है।
दिन में ट्रेन परिचालन की अवधि के दौरान भी सफाईकर्मी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स लेवल तथा स्टेशन के बाहर नियमित रूप से साफ-सफाई करते हैं। इसके अलावा लिफ्ट, ग्रिल आदि को भी साफ किया जाता है। मॉपिंग आदि के लिए मशीनों की मदद ली जाती है। ज्यादातर कार्य मैकेनाइज्ड आधुनिक मशीनों से होता है। ट्रेन संचालन के दौरान भी साफ-सफाई की जरूरत महसूस होती है तो उसे तुरंत किया जाता है। साफ-सफाई को लेकर लगातार मॉनिटरिंग भी होती है।
बता दें कि बीते वर्ष अक्टूबर में नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था, जो फिलहाल साहिबाबाद से मोदीनगर नॉर्थ के 34 किलोमीटर सेक्शन पर यात्रियों के लिए चल रही है। अभी यह सेवा हर 15 मिनट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध है। दिल्ली से मेरठ के 82 किलोमीटर लंबे सम्पूर्ण कॉरिडोर को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। (IANS)
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