1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ज्ञानवापी विवाद में बैठक निकली बेनतीजा, हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने मध्यस्थता से किया इनकार, जानिए पूरा मामला

ज्ञानवापी विवाद में बैठक निकली बेनतीजा, हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने मध्यस्थता से किया इनकार, जानिए पूरा मामला

 Published : Jul 14, 2026 05:05 pm IST,  Updated : Jul 14, 2026 05:40 pm IST

हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद उनका मंदिर है और वह उसे लेकर ही रहेंगे। उसके बाद ही किसी अन्य मुद्दे पर बात हो सकती है। दोनों पक्षों की बैठक 20 मिनट के अंदर ही बेनतीज खत्म हो गई।

ज्ञानवापी विवाद- India TV Hindi
ज्ञानवापी विवाद Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने मंगलवार को प्रस्तावित मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया। हिंदू पक्ष की ओर से श्रृंगार गौरी केस की सभी वादिनी और पक्षकार, पैरोकार हर -हर महदेव कहते हुए लोक अदालत के अंदर प्रवेश किए। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कहा की ज्ञानवापी पर स्वामित्व के अधिकारी के लिए दोनों पक्ष तैयार नहीं, इसमें मुकदमे के बाद जो फैसला आएगा, उसी से नतीजा निकलेगा। 

बैठक में शामिल हुए ये लोग

ज्ञानवापी के विवाद को सुलझाने की नीयत से सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को सभी पक्षकारों (हिन्दू  और मुस्लिम ) को वाराणसी के लोक अदालत में जाकर मध्यस्थता बैठक के माध्यम के ज्ञानवापी में समझौते के आधार पर सुलह करते हुए समस्या के निस्तारण को लेकर बुलाया था। सुप्रीम कोर्ट की पहल को लेकर ज्ञानवापी के जुड़े 4 केस की फाइल जिसमें राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सोमनाथ व्यास और के अन्य एडीजे कोर्ट के मुकदमे से जुड़े सभी हिंदू पक्षकार और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता शामिल हुए। 

मध्यस्थता से साफ इनकार

करीब 20 मिनट तक मनोरंजन कक्ष के मेडिएशन सेंटर में मौजूद रहे लेकिन दोनों पक्ष ने मध्यस्थता को लेकर साफ इनकार कार दिया। हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी और वादिनी रेखा पाठक ने बताया की ज्ञानवापी मंदिर है। इसके सबूत अभी भी वही मौजूद हैं। हमारी मांग थी की हम बिना शर्त के मध्यस्थता के लिए तैयार हैं लेकिन मुस्लिम पक्ष तैयार नहीं हुआ, अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने यहां की सुनवाई पर अभी वर्तमान में रोक लगा रखी है, जिसमें सुनवाई 27 जुलाई को तारीख है। ऐसे में अब हिंदू पक्ष सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सुनवाई की गुहार लगाने की तैयारी कर रहा है।

मुकदमे के आधार पर होगा फैसला

वहीं, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता मुमताज अहमद, रईस अंसारी, तैहिद और एखलाक अहमद भी ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजमिया मसाजिद कमेटी बनारस की ओर से मध्यस्थता बैठक में शामिल हुए, हैरानी की बात है की पहले बैठक से इंकार करने के बाद शामिल होने वाले मुस्लिम पक्ष ने कहा की दोनों पक्ष समझौते के लिये तैयार नहीं है। लिहाजा अब 21, 22 और 23 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली पहल अब नहीं होगी। यह मध्यस्थता बैठक की पहल करना विफल हो गया। आगे ज्ञानवापी मामले का फैसला मुकदमे के आधार ही होगा।

जानिए क्या है हिंदू पक्षा का दावा

हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद मुगल काल में एक मंदिर को गिराकर बनाई गई थी, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह दावा निराधार है और मस्जिद एक वैध वक्फ संपत्ति है। इस बीच, ज्ञानवापी समेत शहर की 26 मस्जिदों की प्रबंधन समिति अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि प्रबंधन समिति के खिलाफ ज्ञानवापी मामले में करीब 36 अलग-अलग मुकदमे दायर किए गए हैं। ऐसे में यह तय करना कठिन है कि बातचीत किससे की जाए और क्या सभी पक्ष एकमत हो सकेंगे। 

बड़ी संख्या में तैनात था फोर्स

सुप्रीम कोर्ट के ज्ञानवापी के मामले को लेकर मध्यस्थता बैठक के लिए कचहरी सहित मनोरंजन कक्ष के बाहर सुरक्षा के लिहाज से फोर्स की तैनाती की गई थी। कोर्ट रूम के बाहर बड़ी संख्या में पीएसी और सिविल फोर्स तैनात थी।  लोक अदालत में सिर्फ ज्ञानवापी से जुड़े लोगों के ही प्रवेश की अनुमति थी। 

अश्वनी त्रिपाठी की रिपोर्ट

ये भी पढ़ें: 

ज्ञानवापी, मथुरा और संभल विवाद से जुड़ी बड़ी खबर, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा विशेष लोक अदालत

"वक्फ बोर्ड की जांच हुई तो राम मंदिर के चढ़ावा चोरी से भी बड़ा घोटाला बाहर निकलेगा", बोले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।