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बंगाल में धुपगुड़ी उपचुनाव के लिए थम गया प्रचार, रॉय Vs रॉय होगा मुकाबला

 Published : Sep 03, 2023 11:55 pm IST,  Updated : Sep 03, 2023 11:55 pm IST

बंगाल में धुपगुड़ी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान रविवार को समाप्त हो गया। खास बात ये है कि इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा, टीएमसी और माकपा, सभी के उम्मीदवार रॉय हैं।

Dhupguri by-election - India TV Hindi
धुपगुड़ी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर को वोटिंग Image Source : FILE PHOTO

उत्तर बंगाल में धुपगुड़ी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान रविवार को समाप्त हो गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वाम-कांग्रेस गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने क्षेत्र के चाय बागानों और वन क्षेत्रों का दौरा किया। खास बात ये है कि इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा, टीएमसी और  माकपा, सभी के उम्मीदवार रॉय हैं। 

तापसी रॉय, निर्मल चंद्र रॉय और ईश्वर चंद्र रॉय के बीच लड़ाई

टीएमसी के मंत्री फिरहाद हकीम और सांसद मिमी चक्रवर्ती ने सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार निर्मल चंद्र रॉय के लिए रोड शो और जनसभाएं कीं। वहीं, भाजपा नेता सुकांत मजूमदार, शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष ने पार्टी उम्मीदवार तापसी रॉय के लिए प्रचार किया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजान चक्रवर्ती और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने उम्मीदवार ईश्वर चंद्र रॉय के लिए प्रचार किया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में भाजपा विधायक विष्णुपद रॉय का निधन हो जाने के कारण इस सीट पर लिए उपचुनाव कराया जा रहा। 

ये उपचुनाव विपक्षी गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा
वहीं विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ को धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इसके अहम घटक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस-मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) गठजोड़, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उत्तर बंगाल की इस ग्रामीण सीट को छीनने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। पांच सितंबर को होने वाला उपचुनाव तीनों राजनीतिक दलों के लिए परीक्षा की तरह है, जिसमें भाजपा को अपने वोट प्रतिशत में गिरावट को रोकने और सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। वहीं, टीएमसी का लक्ष्य आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र पर कब्जा करना है और माकपा-कांग्रेस गठबंधन को अपनी पारंपरिक सीट दोबारा हासिल करने की उम्मीद है।

(इनपुट- PTI)

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