कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जहां 23 अप्रैल को होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं वहीं 29 अप्रैल को होनेवाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए भी तैयारियां जारी है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात करने की घोषणा की
कड़ी निगरानी रहेगी
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय बल की प्रत्येक कंपनी में कम से कम 72 सशस्त्र जवान होंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "तैनाती संवेदनशीलता आकलन और पिछले चुनावी अनुभवों के आधार पर की गई है, ताकि कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।"
दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग
दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। ये केंद्रीय बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं और इनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और असम रायफल्स शामिल हैं।
किस जिले में सबसे ज्यादा तैनाती
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान के लिए आयोग ने 2,407 कंपनियां तैनात करने का निर्णय लिया। अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण में दक्षिण 24 परगना जिले में सबसे अधिक तैनाती होगी, जहां सुंदरबन, बरुईपुर और डायमंड हार्बर पुलिस जिलों में कुल 409 कंपनियां तैनात की जाएंगी। कोलकाता पुलिस क्षेत्र में 273 कंपनियां तैनात होंगी, जबकि पूर्व बर्धमान में 260 और हुगली (ग्रामीण) में 234 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
बारासात जिले में सबसे ज्यादा तैनाती
इसके अलावा, बारासात पुलिस जिले में 112, बोंगांव में 62 और बशीरहाट में 123 कंपनियां तैनात होंगी, जबकि बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के लिए 50 कंपनियां आवंटित की गई हैं। बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय में 160 कंपनियां तैनात की जाएंगी। हावड़ा में ग्रामीण क्षेत्रों में 147 और पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 110 कंपनियां तैनात होंगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगे CAPF के जवान
नदिया जिले में कृष्णानगर में 158 और रानाघाट में 127 कंपनियां तैनात की जाएंगी। चंदननगर पुलिस आयुक्तालय में 83 कंपनियां और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय में 13 कंपनियां तैनात की जाएंगी। अधिकारी ने कहा, "आयोग ने सुनिश्चित किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती हो।" सूत्रों ने बताया कि मतदान समाप्त होने के बाद भी लगभग 500 कंपनियां राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात रहेंगी।