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गेट पर लटका रहा ताला, छुट्टी के बाद स्कूल में कैद हो गई शिक्षिका, अभिभावकों को लगाए फोन

 Published : Jul 07, 2026 05:58 pm IST,  Updated : Jul 07, 2026 05:58 pm IST

बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के पानागढ़ बाजार हिंदी हाई स्कूल की छुट्टी के बाद एक शिक्षिका स्कूल परिसर में ही बंद रहीं। शिक्षिका द्वारा आसपास के लोगों और अभिभावकों को फोन किए जाने पर वे स्‍कूल पहुंचे तो मेन गेट पर ताला लटका हुआ था और शिक्षिका अंदर बंद थी।

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स्कूल में बंद हो गई शिक्षिका कृष्णा वर्मन। Image Source : REPORTER INPUT

कांकसा: पश्चिम बर्धमान जिले के पानागढ़ बाजार हिंदी हाई स्कूल में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई, जहां छुट्टी के बाद एक शिक्षिका करीब एक घंटे तक स्कूल परिसर में ही बंद रहीं। बाद में शिक्षिका द्वारा आसपास के लोगों और अभिभावकों को फोन किए जाने के बाद गेट का ताला खोला गया और उन्हें बाहर निकाला गया। घटना के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने विद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, स्कूल की शिक्षिका कृष्णा वर्मन मॉर्निंग शिफ्ट में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि मॉर्निंग सत्र समाप्त होने के बाद जब वह स्कूल से बाहर निकलने लगीं तो उन्होंने देखा कि विद्यालय के अंदर वाले गेट पर ताला लगा हुआ है। उन्होंने स्कूल के कई लोगों को आवाज दी और संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों और कुछ अभिभावकों को फोन कर मामले की जानकारी दी। खबर मिलते ही अभिभावक विद्यालय पहुंचे और काफी देर तक हंगामा करने के बाद गेट का ताला खोला गया।

स्कूल के प्रधान शिक्षक पर क्या आरोप लगाया?

शिक्षिका कृष्णा वर्मन ने आरोप लगाया कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक जयंत कुमार पांडा अचानक से समय के सख्त नियम लागू कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्धारित समय होते ही गेट पर ताला लगा दिया जाता है, जिसके कारण कई बार शिक्षक भी परेशानी में पड़ जाते हैं।

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Image Source : REPORTER INPUTशिक्षिका कृष्णा वर्मन।

घटना के बाद कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी विद्यालय पहुंचे और प्रधान शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी की। इससे विद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कांकसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के बीच बैठक के बाद मामला शांत हुआ।

प्रधान शिक्षक ने क्या कहा?

वहीं, विद्यालय के प्रधान शिक्षक जयंत कुमार पांडा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में तीन अलग-अलग स्कूल संचालित होते हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मॉर्निंग सत्र खत्म होने के बाद भवन के मुख्य गेट को बंद किया जाता है, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके और छात्राएं सुरक्षित रहें।

प्रधान शिक्षक ने कहा कि शिक्षिका ने उन्हें फोन कर जानकारी देने के बजाय अन्य लोगों को बुला लिया, जिससे गलतफहमी बढ़ी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए विद्यालय में चर्चा कर उचित व्यवस्था की जाएगी।

(रिपोर्ट- बिजू मंडल)

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